Citizenship Amendment Bill 2019: पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आने वाले गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को भारत की नागरिकता देने के लिए लाया गया नागरिकता संशोधन बिल 2019 लोकसभा (Lok Sabha) में पास हो गया है। लंबी बहस के बाद देर रात इस पर वोटिंग हुई, जिसमें विधेयक के पक्ष में 311 तथा विरोध में 80 वोट पड़े। अब इस बिल को बुधवार को राज्यसभा (Rajya Sabha) से पेश किया जाएगा। महाराष्ट्र में कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने वाली शिवसेना ने भी सरकार का साथ दिया। लोकसभा में बिल पारित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर जताई खुशी।
पीएम मोदी ने लिखा – प्रसन्नता है कि लोकसभा ने एक समृद्ध और व्यापक बहस के बाद नागरिकता (संशोधन) विधेयक, 2019 पारित किया है। मैं विभिन्न सांसदों और पार्टियों को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने विधेयक का समर्थन किया। यह विधेयक भारत के सदियों पुराने लोकाचार और मानवीय मूल्यों में विश्वास के अनुरूप है।
इससे पहले सोमवार को इस बिल को लोकसभा में पेश करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदू, सिख, बौेद्ध, जैन, पारसी और ईसाइयों को भारत में शरण देना और अधिकार देना भारत का कर्तव्य है। भाजपा ने अपने घोषणा-पत्र में इसका जिक्र किया था और जनादेश ने इस पर मुहर लगाई है।
बिल पारित होने के बाद देर रात संसद से बाहर आते केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह
उन्होंने विपक्ष के इस आरोप को पूरी तरह से नाकारा कि यह बिल मुस्लिमों के खिलाफ है। उन्होंने कहा, यदि कांग्रेस यह साबित कर दे कि यह बिल मुस्लिमों के खिलाफ है तो मैं विधेयक लेकर वापस चला जाऊंगा। शाह ने आश्वासन दिया कि अधिकतर पूर्वोत्तर राज्यों में यह लागू नहीं होगा।
