बडवानी / उत्तम तप धर्म का अर्थ केवल कठिन साधना या तपस्या ही नही होता हे, बल्कि स्वयं के द्वारा देव शास्त्र और गुरु की सेवा एवं सच्ची भक्ति करना भी तप धर्म ही कहलाता है, तप का मतलब है इच्छाओं का निरोध करना, तप चार आराधनाओ में प्रधान है जैसे स्वर्ण को तपाने से वह समस्त मेल छोड़कर शुद्ध हो जाता हैं उसी प्रकार आत्मा भी बारह प्रकार के तप के प्रभाव से कर्म मेल रहित होकर शुद्ध हो जाती है।
इस तप दिवस के अवसर पर निम्न समाजजनों को सोभाग्य प्राप्त हुए
श्री जी को विराजमान करने का सौभाग्य दयाचंद जी रतन लाल जी पहाड़िया परिवार, प्रभु के प्रथम अभिषेक सौरभ कुमार चन्दन कुमार ने काला परिवार ,
प्रभु की शांतिधारा का सौभाग्य श्रीमान सौरभ कुमार चन्दन कुमार काला परिवार, प्रातः एवम सांयकाल की आरती का सौभाग्य श्री प्रमोद कुमार जी परिवार को प्राप्त हुआ,
सभी के पुण्य कि खूब खूब अनुमोदना
उक्त जानकारी बड़वानी सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष महेन्द्र पहाड़िया के द्वारा दी गई।
