बडवानी / कलेक्टर जिला बड़वानी के दिशा निर्देशन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत के आदेश अनुसार, जिला नोडल अधिकारी आनंद विभाग के समन्वय तथा जिला संपर्क व्यक्ति, जिला कार्यक्रम समन्वयक एवं मास्टर ट्रेनर्स के सहयोग से कन्या महाविद्यालय बड़वानी के सभागार में केरियर सेल के माध्यम से संयोजक डॉ कविता भदौरिया द्वारा एक दिवसीय अल्पविराम परिचय कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ वंदना भारती द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा में माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से किया गया । सरस्वती वंदना श्रीमती सुनीता शुक्ला,एवम सुधा बाजपेई ने प्रस्तुत की । सभी प्रतिभागियों द्वारा प्राथना हमको मन की शक्ति देना सामूहिक रूप से प्रस्तुत की गई ।

सत्र का प्रारंभ प्रतिभागियों एवं टीम के परिचय साथ हुआ । उसके उपरांत जिला संपर्क व्यक्ति अनिल जोशी द्वारा आनंद विभाग का परिचय, वीडियो,अल्पविराम क्या है , आनंद की ओर ,जीवन की यात्रा कितनी छोटी है ,,के साथ किया गया ।
मास्टर ट्रेनर सुधा बाजपेई द्वारा जीवन का लेखा जोखा सत्र एवम फ्रीडम ग्लास लिया गया ।
प्राचार्य डॉ वंदना भारती ने उद्बोधन में कहा कि आनंद विभाग कर्मचारियों को तनाव मुक्त जीवन जीने, स्वयं से स्वयं की मुलाकात करने,सकारात्मक रहने के साथ साथ खुद की कमियों में सुधार की दिशा का मार्ग बताता है। यह बहुत उपयोगी है इस तरह के कार्यक्रम की नितांत आवश्यकता है। स्ट्रेस फ्री होंगे और स्वयं को जानेंगे तो हमारा जीवन आनंदमय रहेगा।
मास्टर ट्रेनर डॉ राम सहाय यादव ने 30 सेकेंड में ताली बजाने, हथेली में पेन रखकर उसका वजन महसूस करने, एवं जीवन में रिश्तों का महत्व बताते हुवे ,जीवन में परिवर्तन की कहानी ईगल दिखाई , जिससे प्रतिभागियों को बहुत उत्साह एवं प्रेरणा मिली।
सीसीडी के माध्यम से श्रीमती सुनीता काग ने जब अपनी दिशा और दशा बदलने की बात की तो प्रतिभागियों में बहुत गहरा प्रभाव दिखा जिसे उन्हें पहले कभी पता ही नहीं था।
आनंदम सहयोगी रघुवीर सोलंकी तथा डॉ कविता भदौरिया ने, कहा की हम ही अपने शत्रु और मित्र दोनों है और हम ही अपने स्वयं के संसार को बसाते हैं जो हमारे दुख या खुशी का कारण बनता है इस बात से प्रतिभागियों की आँखें नम हो गई और उन्होंने भी अपने अनुभव भी साझा किए ।
कार्यक्रम के फीडबैक में प्रतिभागियों ने कहा कि यह कार्यक्रम बहुत उपयोगी है। इस तरह का कार्यक्रम पहली बार उन्हें ज्वाइन करने का मौका मिला है जिसे वे आगे भी करना चाहेंगे। पहली बार खुद की तरफ देखने का पहचाने का अवसर अल्पविराम से ही उन्हें पता चला । इसलिए आज से हम अल्पविराम लेना शुरू करेंगे ताकि स्वयं से जुड़ सकें और अपने भीतर झांक सकें ,कमियों की पहचान कर सकें।
सभी ने आनंद विभाग के कार्यों की बहुत प्रशंसा की एवं धन्यवाद भी दिया।
अंत में आनंद विभाग से कैसे जुड़े अल्पविराम का विस्तार अपने जीवन में कैसे लाएं इसके बारे में विस्तार से बताते हुए सत्रों का समेकन श्री अनिल जोशी जिला संपर्क व्यक्ति आनंद विभाग द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में डॉ स्नेह लता मुजाल्दा, डॉ इंदु डावर, डॉ पदमा, प्रोफेसर सीमा नाइक, प्रियंका शाह, डॉ राजेश ठाकरे, डॉ सुर सिंह जामोद , डॉ मनोज वानखेड़े, अंशुमन चौहान, ,दीपक बिल्लौर उपस्थित रहे।
डॉ कविता भदौरिया द्वारा आभार प्रकट कर कार्यक्रम का समापन किया गया ।
