बड़वानी / ग्रामीण अंचल की प्रतिभा जब मंच पर उतरती है, तो दृश्य सचमुच देखने लायक होता है। ऐसा ही मनोहारी नजारा बड़वानी के समीप ग्राम तलून स्थित स्वामी मोहनानंद स्कूल में आयोजित वार्षिक उत्सव ‘अतुल्य भारत’ के दौरान देखने को मिला। स्कूली बच्चों ने अपनी रंगारंग और भावपूर्ण प्रस्तुतियों से न केवल अभिभावकों का दिल जीत लिया, बल्कि यह भी सिद्ध कर दिया कि प्रतिभा किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं होती।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमसिंह पटेल द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात छात्राओं ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।

नन्हे-मुन्ने बच्चों की फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता ने सभी का मन मोह लिया। उनकी मासूम अदाएं और रंग-बिरंगी वेशभूषाएं दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान ले आईं। वहीं वरिष्ठ छात्रों ने देशभक्ति गीतों और लोक नृत्यों के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विविधता को मंच पर जीवंत कर दिया।
कार्यक्रम का सबसे भावुक और प्रभावशाली क्षण रहा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आधारित लघु नाटिका। सामाजिक कुरीतियों पर करारा प्रहार करती इस प्रस्तुति ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया और पूरा पांडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

इस अवसर पर सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि गाँव की मिट्टी में छिपी प्रतिभा को निखारने का कार्य ऐसे ही मंच करते हैं। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियां अत्यंत आवश्यक हैं।
वार्षिक उत्सव के दौरान पढ़ाई, खेलकूद और अनुशासन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

स्कूल के चेयरमैन रामसागर मिश्रा ने संस्था की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी और कार्यक्रम में सहयोग देने वाले सभी ग्रामीणजनों का आभार व्यक्त किया।
राष्ट्रगान के साथ इस गरिमामय समारोह का समापन हुआ। यह उत्सव इस बात का प्रमाण बना कि शिक्षा और कला का समन्वय बच्चों के भविष्य को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है।
