बड़वानी / जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ स्वामी का मोक्ष कल्याणक माघ चतुर्दशी को आता है , इस मंगल अवसर पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी विश्व की सबसे पहली सबसे बड़ी भगवान आदिनाथ की 84 फिट उत्तुंग प्रतिमा जी जो कि बड़वानी के निकट सिद्ध क्षेत्र बावनगजा जी में विराजित है के मस्तक पर 1008 कलशों से भगवान के अभिषेक होंगे और निर्वाण लाडू समर्पित किया जाएगा ,इस संपूर्ण कार्यक्रम में चर्या शिरोमणि पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी के आशीर्वाद ,से उन्हीं के शिष्य श्रमण मुनि श्री प्रणुत सागर जी महाराज का ससंघ सानिध्य प्राप्त होगा जिसमें कई धार्मिक, सांस्कृतिक, कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं 16जनवरी को प्रातः तलहटी ने भगवान के अभिषेक शांतिधारा नित्य नियम की पूजन ,मुनि संघ और त्यागी वृत्तियों की आहार चर्या संपन्न होगी ,दोपहर में भक्तामर मंडल विधान ,मुनि श्री के प्रवचन ,शाम को महा आरती रात्रि में निमाड़ अंचल महिला मंडल द्वारा निमाड़ की प्रतिभाओं द्वारा रंगारंग धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी जाएगी , 17 जनवरी को प्रातः तलहटी मंदिर में भगवान के अभिषेक,शांतिधारा,पूजन ,मुनि संघ की आहार चर्या साधारण सभा की बैठक के साथ मुनि श्री प्रणुत सागर जी की दिव्य देशना होगी, उसके पश्चात तलहटी से बड़े बाबा तक बड़े ही भक्ति भाव बैंड बाजों के साथ शोभा यात्रा जाएगी और बड़े भगवान के मस्तक पर 1008 कलशों से जलाभिषेक और शांतिधारा होगी एवं निर्वाण कांड का वाचन कर निर्वाण लाडू चढ़ाया जाएगा। ट्रस्ट कमेटी अध्यक्ष विनोद दोशी एवं महामंत्री नरेश मामा ने बताया कि इस कार्यक्रम के लिए मेला कमेटी और संयोजकों की नियुक्ति की गई है जो कि अपना अपना दायित्व संभालेंगे ,कलश आवंटन समिति कलश आवंटित करेंगी और इस के लिए मेला संयोजक संजय जैन धामनोद,विपिन गोधा अंजड़,राजेश बड़जातिया कुक्षी को बनाया गया है, उपरोक्त जानकारी मीडिया प्रभारी मनीष जैन द्वारा प्राप्त हुई ।
