बड़वानी / भारतीय मजदूर संघ और अखिल भारतीय विद्युत मजदूर महासंघ से संबंध के बैनर तले गुरुवार दोपहर मप्र बिजली कर्मचारी महासंघ द्वारा प्रदेश व्यापी चरणबद्ध आंदोलन किया जा रहा हैं। आंदोलन तृतीय चरण में गुरुवार को बिजली कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर अधीक्षक यंत्री कार्यालय परिसर में नारेबाजी की धरना किया।
पश्चिम क्षेत्र विद्युत कर्मचारी महासंघ के संयुक्त महामंत्री मो. सादिक शेख ने कहा कि प्रदेश व्यापी आंदोलन के तहत आज जिला स्तर पर धरना प्रदर्शन किया गया। इसके पूर्व दो चरणों में ज्ञापन व आंदोलन की सूचना के रुप में आंदोलन को आगे बढ़ाया गया। वहीं आगामी चौथे चरण में 16 अप्रैल को भोपाल चलो आंदोलन के तहत राजधानी भोपाल में सरकार पर दबाव बनाए जाने के लिए धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी मांगों का निराकरण नहीं होने पर अनिश्चित हड़ताल की जाएगी। मो. शेख ने कहा कि आंदोलन को मप्र विद्युत उत्पादन कर्मचारी संघ, पश्चिम क्षेत्र कर्मचारी महासंघ इंदौर, पूर्वी क्षेत्र बिजली कर्मचारी महासंघ जबलपुर व भोपाल तथा मप्र बिजली पारेषण कर्मचारी संघ, मप्र विद्युत सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ, मप्र विद्युत बाह्स्त्रोत कर्मचारी संघ का समर्थन है। संविदा आउटसोर्सिंग नियमिति करण की समस्या को लेकर लंबे समय से मांग की जा रही हैं। जिसका निराकरण नहीं होने पर कर्मियों में रोष है।
जिले में कार्यरत हैं 800 संविदा कर्मी
महासंघ पदाधिकारियों ने बताया कि बड़वानी जिले में विद्युत कंपनी में करीब 800 संविदा कर्मी कार्यरत हैं, जो कई वर्ष से नियमितिकरण सहित अन्य मांगों के निराकरण का इंतजार कर रहे हैं। आज हड़ताल में आवश्यक सेवाओं को छोडक़र टर्नऑफ वाले कर्मी शामिल हुए है। इस दौरान बिजली कर्मचारी महासंघ के क्षेत्रीय सचिव संतोष सोलंकी, पेंशनर्स संघ अध्यक्ष सीताराम यादव, आउटसोर्सकर्मी संघ प्रदेश उपाध्यक्ष मनीष सेन, अवधेश नामदेव, उपेंद्र चौहान, राहुल महाजन, प्रवीण कुमार, रुपेश मेघवाल, जयपाल वास्कले, लखन अवासय, राहुल पटेल आदि मौजूद रहे।
यह हैं प्रमुख मांगे
विद्युत संविदा कर्मियों को नियमित किया जाए। कर्मियों के लिए उप्र व हरियाणा के तर्ज पर कंपनी का गठन किया जाए। विद्युत तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के अधिकारी-कर्मचारियों को एक बार गृह जिला स्थानांतरण नीति लागू कर उनके गृह जिले में पदस्थापन दी जाए। सेवानिवृत्त कर्मियों की पेंशन शासन के जिला कोषालय से किया जाए। विलंब व व्यवधान की समस्या का समाधान किया जाए। विद्युत ग्रामीण सोसायटी के शेष विद्युत कर्मियों को विद्युत कंपनी में संविलियन किया जाए। गेच्युटी 20 लाख से बढ़ाकर 25 लाख की जाए। अनुकंपा आश्रितों को सन 2000 से 2012 के बीच सामान्य मृत्यु के प्रकरण में अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जाए। अप्रैल 89 के वेज बोर्ड में नव नियुक्त तृतीय श्रेणी कर्मियों के साथ वेतन विसंगति के भेदभाव मामले के सापेक्ष उच्च न्यायालय इंदौर के आदेश का पालन किया जाए। उच्च शिक्षा डिप्लोमा प्राप्त कर्मियों को कनिष्ठ अभियंता के पद पर नियुक्ति दी जाए।
