महाराष्ट्र की सियासी लड़ाई दिल्ली पहुंच गई है, जहां रविवार को शिवसेना (Shiv Sena), एनसीपी (NCP) और कांग्रेस (Congress) की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो चुकी है। कपिल सिब्‍बल कोर्ट में पूरे घटनाक्रम की जानकारी दे रहे हैं। उन्‍होंने दलील दी है कि 24 अक्‍टूबर से 9 नवंबर तक कुछ नहीं हुआ। सिब्‍बल ने कहा कि जब शुक्रवार शाम को यह तय हो गया था कि सरकार किसकी बनेगी तो शनिवार सुबह राजभवन में भाजपा को शपथ कैसे दिलाई जा सकती है।

शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की संयुक्त याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों वाली बेंच जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच सुनवाई कर रही है। इसमें महाराष्ट्र के राज्यपाल देवेंद्र फडणवीस को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किए जाने को चुनौती दी गई है।

भाजपा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने और देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की गई है। भाजपा की और से मुकुल रोहतगी पक्ष रखेंगे। वहीं कांग्रेस-शिवसेना-एनसीपी की ओर से कपिल सिब्ब्ल समेत अन्य सीनियर वकील रहेंगे। इनकी मांग है कि तत्काल विधानसभा का सत्र बुलाकर भाजपा को बहुमत साबित करने के लिए कहा जाए।

सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना के वकील देवदत्त कामत ने कहा है कि हमने सर्वोच्च अदालत से निवेदन किया है कि वह तत्काल फ्लोर टेस्ट के लिए निर्देश दें। हम आशावान हैं कि सुप्रीम कोर्ट हमारी बातों पर गौर करेगा। वहीं कांग्रेस नेता एसी वेणुगोपाल ने भी कहा है कि महाराष्ट्र के राज्यपाल ने सभी मापदंडों और नियमों का उल्लंघन किया है। उन्होंने बगैर किसी सत्यापन के बीजेपी को सरकार बनाने के लिए बुला लिया। हम इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट गए हैं।

बता दें, महाराष्ट्र में पिछले एक महीने से जारी सत्ता संघर्ष का शनिवार सुबह बड़ा ही नाटकीय पटाक्षेप हुआ। भाजपा ने सियासी सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देते हुए सत्ता की दौड़ में आगे निकलते दिख रहे राकांपा-कांग्रेस और शिवसेना के बनने वाले गठबंधन को पछाड़ दिया। शुक्रवार देर रात भाजपा ने राकांपा के अजीत पवार से ‘डील” फाइनल की। सुबह 5.47 बजे राष्ट्रपति शासन हटाने का एलान हुआ और आनन-फानन में भाजपा के देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री तथा राकांपा के अजीत पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने महज कुछ ही लोगों की मौजूदगी में शपथ दिलाई।

महाराष्ट्र को खिचड़ी सरकार की जरूरत नहीं : फडणवीस

शपथ ग्रहण के बाद फडणवीस ने कहा- ‘लोगों ने हमें स्पष्ट जनादेश दिया था लेकिन शिवसेना ने चुनाव परिणाम के बाद दूसरी पार्टियों के साथ गठजोड़ करने की कोशिश की। महाराष्ट्र को ‘खिचड़ी” नहीं बल्कि स्थिर सरकार की जरूरत है।” वहीं, अजीत पवार ने कहा- ’24 अक्टूबर को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से कोई पार्टी सरकार नहीं बना पा रही थी। महाराष्ट्र में किसानों की दिक्कतों समेत कई अन्य समस्याएं हैं। इसलिए हमने स्थिर सरकार बनाने का फैसला किया।”

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