बड़वानी 20 फरवरी / जल जीवन मिशन के तहत बड़वानी जिले में भी सन् 2024  तक कम से कम 20 मकानो की बस्ती तक पाईप लाईन के माध्यम से पेयजल उपलबध कराने के लिये कलेक्टरेट सभागृह बड़वानी में ‘‘ जिला जल एवं स्वच्छता मिशन समिति  ‘‘ की कार्यशाला हुई । इस कार्यशाला में कलेक्टर  अमित तोमर के निर्देशन एवं पीएचई विभाग के कार्यपालन यंत्री  एससी जनोलिया की उपस्थिति में संबंधित विभागो के पदाधिकारियो, विशेषज्ञो ने गहन मंथन कर निम्नानुसार निर्णय किया है।

कार्यशाला का उद्देश्य

ऽ     जिले में कुल 715 ग्राम है। इसमें से प्रथम चरण में सन 2021 तक ऐसे 305 ग्राम जहाॅ पर अभी किसी न किसी रूप में नलजल योजना संचालित हो रही है। इन ग्रामो की नल जल योजना को और पुख्ता करते हुये आवश्यक संशोधन, विस्तार करते हुये हर घर को पाईप लाइ्रन के माध्यम से प्रति व्यक्ति 55 लीटर के मान से पानी उपलब्ध कराने के लिये जरूरी व्यवस्था की जायेगी ।

ऽ     योजना के द्वितीय चरण में सन 2024 तक जिले के शेष रहे 410 ग्रामो में भी घर – घर नल के माध्यम से प्रति व्यक्ति 55 लीटर के मान से पेयजल उपलबध कराने के लिये, जरूरी समस्त व्यवस्थाऐं पूर्ण करते हुये, पेयजल उपलब्ध कराया जायेगा ।

कार्यशाला में लिये गये निर्णय

ऽ     जिले की टोपोग्राफी पहाड़ी है। जिसके कारण यहाॅ पर बस्ती के रूप में बसे ग्रामो की संख्या नगण्य है। जबकि अधिकांश ग्राम, फल्या के रूप में बसे हुए है। इसलिये सर्वे हेतु जाने वाली टीम के इंजिनियर स्वयं सर्वे के दौरान जाकर विस्तृत रूप से प्रोजेक्ट बनायेंगे। जिससे उक्त लक्ष्य को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण किया जा सके ।

ऽ     जिले के प्रत्येक ग्राम की बसाहट एवं परिस्थिति अलग – अलग है। इसलिये सर्वे टीम के सदस्य प्रत्येक ग्राम की अलग – अलग कार्य योजना तैयार कर प्रस्तुत करेंगे ।

ऽ     जिले में कुछ ऐसे ग्राम भी है जहाॅ पर उपलब्ध जल स्त्रोत गर्मी के दौरान सूख जाते है। ऐसे जल स्त्रोतो के पुर्नभरण की भी कार्य योजना बनाई जाये ।

ऽ     जिले के पहाड़ी, वन क्षेत्रो में बसी, बस्तियों के लिये यथासंभव सौर्य ऊर्जा से संचालित योजना बनाई जाये । जिससे योजना की लागत कम होते हुए उनका संचालन सरल रहे । वही ग्रामवासियो को लम्बे समय तक इनका लाभ मिलता रहे ।

ऽ     जिले के अधिकांश ग्रामो में सतही एवं प्राकृतिक जल  स्त्रोत नही है। इसलिये जिस क्षेत्र में नदी, बड़े तालाब है, वहाॅ के आस – पास के ग्रामो की पेयजल कार्ययोजना को नदी, तालाब आधारित बनाया जाये । किन्तु तालाब में गर्मी के दौरान उपलब्ध पेयजल को भी  ध्यान रखा जाये ।

रहवासियो के भी देना होगा सहयोग

      इस योजना के अंतर्गत बनने वाली कार्ययोजना में उपयोगकर्ता, रहवासियो को भी अपना सहयोग देना होगा । इसके लिये ऐसे ग्राम जो अनुसूचित जाति, जनजाति बाहुल्य है। उन्हें योजना लागत ( सिर्फ ग्राम में बिछाई जाने वाली पाईप लाईन एवं कनेक्शन में लगने वाली कुल राशि ) का 5 प्रतिशत तथा ऐसे ग्राम जो सामान्य है उन्हें योजना लागत का ( सिर्फ ग्राम में बिछाई जाने वाली पाईप लाइ्रन एवं कनेक्शन में लगने वाली कुल राशि राशि ) का 10 प्रतिशत अंशदान देना होगा । यह अंशदान राशि, श्रमदान, सामग्री के रूप में हो सकता है।

योजना का क्रियान्वयन एवं संचालन करेगी समितियाॅ

      इस योजना का क्रियान्वयन एवं संचालन गठिन इन 4 समितियो के माध्यम से किया जायेगा ।

ऽ     राष्ट्रीय जल जीवन मिशन

ऽ     राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन

ऽ     जिला जल एवं स्वच्छता मिशन

ऽ     ग्राम जल एवं स्वचछता समिति / पानी समिति

      उक्त चारो स्तर की समितियो में महिलाओं की सक्रिय भूमिका को आवश्यक बनाया गया है।

योजना का उद्देश्य

ऽ     प्रत्येक परिवार को क्रियाशील नल कनेक्शन के माध्यम से न्यूनतम 55 लीटर आदर्श गुणवत्ता वाले जल की उपलब्धता सुनिश्चित करना ताकि महिलाओं एवं बालिकाओं के समय एवं श्रम की बचत हो सके । साथ ही महिलाऐं अपना कीमती समय उनकी आय के साधन बढ़ाने में लगा सके एवं बालिकाऐं नियमित रूप से शाला जाकर शिक्षित बने ।

ऽ     ग्राम के प्रत्येक शासकीय भवन में क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराना ।

ऽ     ग्राम की नलजल योजना एवं घरेलू नल कनेक्शन की क्रियाशीलता का निरन्तर अनुश्रवण ।

ऽ     स्थानीय समुदाय में पेयजल योजना एवं योजना के अवयवो के प्रति स्वामित्व की भावना को प्रेरित करना ।

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