भोपाल। मध्य प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक 19 मंत्री और विधायकों ने अपना इस्तीफा ई-मेल के जरिए विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति को भेजे हैं। इनमें 6 मंत्री इमरती देवी, तुसलीराम सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, डॉ. प्रभुराम चौधरी, महेंद्र सिंह सिसौदिया और प्रद्युम्न सिंह तोमर भी शामिल हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा ट्वीट कर कांग्रेस से इस्तीफा दिए जाने की बात सामने आने के बाद इन्होंने तुरंत अपना भी इस्तीफा भेज दिया। इसके बाद कमलनाथ सरकार पर बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है। बताया जा रहा है कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री येदियुरप्पा के बेटे बेंगलुरु में मप्र के सभी मंत्री-विधायकों की आव-भगत में विशेष रूप से तैनात किए गए हैं। सोमवार को मंत्री-विधायक समेत 10 लोगों को एक साथ चार्टर प्लेन के जरिए दिल्ली से बेंगलुरु पहुंचाया गया है।
बिसाहूलाल ने छोड़ी कांग्रेस, शिवराज सिंह के सामने ली भाजपा की सदस्यता
बिसाहूलाल सिंह ने कहा कि मैं 1980 से कांग्रेस का विधायक हूं, कमलनाथ जी हो या कोई भी हम एक साथ कांग्रेस में आए थे। इंदिरा जी के समय, मैं सबसे सीनियर विधायक हूं। मेरे यहां मनमाने ढंग से सरकारी कर्मचारियों को पोस्टिंग करके मुझे प्रताड़ित किया गया। मैं इससे दुखी होकर कांग्रेस से इस्तीफा दे रहा हूं। आज मैं इसलिए शिवराज सिंह चौहान के साथ आया हूं। मुझे जनता ने उनके कामों के लिए चुना है, अगर मैं उनके हित में ही काम नहीं कर सकता तो मेरे रहने का क्या मतलब। मैंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है। जिस हिसाब से कमलनाथ सरकार चल रही है, आने वाले समय में अधिकांश विधायक इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल होंगे। हमारे नेता अब शिवराज सिंह चौहान हैं। मैं कांग्रेस के काम करने की नीति से खुश नहीं हूं। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि एंदल सिंह कंषाना भी इस्तीफा दे रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो रहे हैं।
