पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस से अपना इस्तीफा दे दिया। उन्होंने ट्वीट कर कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम यह इस्तीफा सौपा हैं। वे आज ही भाजपा में शामिल हो सकते हैं, इसके पहले सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ करीब एक घंटे तक बैठक की। इस दौरान गृहमंत्री अमित शाह भी वहां मौजूद थे, वे ही सिंधिया को प्रधानमंत्री के पास लेकर पहुंचे थे। उधर सिंधिया समर्थक 19 मंत्री और विधायकों ने भी अपना इस्तीफा ई-मेल के जरिए विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति को भेज दिया है। उधर सीएम कमलनाथ ने राज्यपाल को पत्र लिखकर सिंधिया समर्थक इमरती देवी, तुसली सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, महेंद्र सिंह सिसोदिया, प्रद्युम्न सिंह तोमर और डॉ प्रभुराम चौधरी को तुरंत मंत्रीपद से हटाने के लिए लिखा है। इसके बाद मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार पर संकट मंडराने लगा है। खुद कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी का कहना है कि अब मध्य प्रदेश में हमारी सरकार बचना मुश्किल है। सिंधिया की चुप्पी को लेकर ‘नईदुनिया ने ही बताया था कि ‘सिंधिया की नाराजगी बड़ा गुल खिलाएगी’। आज पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. माधवराव सिंधिया की 75वीं जयंती है, महज यह संयोग है कि सात दिन से प्रदेश कांग्रेस सरकार में आए भूचाल के केंद्र बिंदु इस समय उनके पुत्र पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया बने हुए हैं। उधर भाजपा द्वारा मध्य प्रदेश में विधायक दल का नेता बदलने की खबरें भी सामने आ रही है।
