बजट सत्र में शामिल होने भाजपा विधायक तीन बसों में बैठकर मध्य प्रदेश विधानसभा के लिए निकले। इस दौरान शिवराज सिंह चौहान और अन्य वरिष्ठ नेता इनके साथ मौजूद रहे। बसों के आगे-पीछे नेता कार से चलते रहे। विधानसभा के अंदर कड़ी सुरक्षा के बीच सभी को प्रवेश दिया गया, बाहरी गेट से ही जांच हो रही है। बिना आधार या पैनकार्ड और विधानसभा प्रवेश पत्र के अंदर जाने नहीं दिया जा रहा। मध्य प्रदेश में सियासी घमासान के बीच देर रात सीएम कमलनाथ ने राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात करने के बाद बोले, विधानसभा में स्पीकर तय करेंगे कि आज Floor Test होगा या नहीं। सीएम यह भी कहते रहे कि हमारी सरकार को कोई खतरा नहीं हम फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार हैं। इस पर पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि सरकार इससे बचना चाहती है, क्योंकि उसके पास बहुमत नहीं है, सदन का कामकाज स्पीकर तय नहीं करते, सरकार करती है। इससे पहले जारी हुई मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यसूची में राज्यपाल के अभिभाषण का जिक्र है, इसमें फ्लोर टेस्ट की बात नहीं है। विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति इस मामले में चुप्पी साधे हैं। प्रजापति ने कहा कि फ्लोर टेस्ट का फैसला सदन ही करेगा। माना जा रहा है कि राज्यपाल के अभिभाषण के बाद भाजपा ही सदन में फ्लोर टेस्ट की मांग करेगी।
