प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए आज एक बड़ा ऐलान करते हुए 21 दिनों तक के संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा कर दी है। इसे सुनकर कई शहरों में लोग सड़कों पर उतर आए हैं। किराना, सब्जी, दूध, दवा, पेट्रोल लेने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी है। लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि जरूरी सामान इन 21 दिनों में बाजार में उपलब्ध रहेंगे। किसी भी प्रकार से घबराने की जरूरत नहीं है।
खुली रहेंगी ये दुकानें
सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन के मुताबिक, स्वास्थ्य सेवाओं पर रोक नहीं रहेगी और दवा की दुकानें यानी मेडिकल स्टोर, मेडिकल इक्विपमेंट की दुकानें, पैथ लैब और राशन की दुकानें खुली रहेंगी… यानी अस्पताल, डिस्पेंसरी, क्लीनिक, नर्सिंग होम खुले रहेंगे। यही नहीं लोगों को डॉक्टर के यहां जाने और अस्पताल से घर आने की छूट होगी। पेट्रोल, सीएनजी, एलपीजी, पीएनजी जैसी जरूरी सेवाओं पर भी रोक नहीं लगेगी
खुले रहेंगे पेट्रोल पंप
केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि पेट्रोल, सीएनजी, एलपीजी, पीएनजी जैसी जरूरी सेवाओं पर भी रोक नहीं लगेगी। यही नहीं बिजली उत्पादन, बिजली वितरण भी निर्बाध जारी रहेगा और विद्युत विभाग में काम करने वाले कर्मचारियों को भी काम पर जाने की इजाजत होगी। यही नहीं प्राइवेट सिक्योरिटी सेवाएं भी जारी रहेंगी।
इनका उत्पादन नहीं होगा बंद
सरकार की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि सभी उद्योग और कल कारखानें बंद रहेंगे। हालांकि, जरूरी सामानों का उत्पादन करने वाली इकाइयों को अपवाद के दायरे में रखा गया है। उत्पादन इकाइयों को भी अपवाद की श्रेणी में रखा गया है लेकिन इसके लिए राज्य सरकार से इजाजत लेनी होगी।
लॉकडाउन पर ये हैं सरकार के निर्देश
मंत्रालयों, सरकारी विभागों, राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों के लिए निर्देश
1.भारत सरकार के सभी कार्यालय, स्वायत्त एवं अनुषंगी इकाइयां और सरकारी कंपनियां बंद रहेंगी।
इन्हें रहेगी छूट : रक्षा, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, राजस्व, सीएनजी, पीएनजी, एलपीजी, पेट्रोलियम जैसी जन सुविधाएं, आपदा प्रबंधन, ऊर्जा, डाकघर, राष्ट्रीय सूचना केंद्र, चेतावनी एजेंसियां
2.राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों की सरकारों के कार्यालय, स्वायत्त एवं अनुषंगी इकाइयां, कंपनियां बंद रहेंगी।
इन्हें रहेगी छूट : क – पुलिस, होमगार्ड, अग्निशमन एवं आपात सेवाएं, आपदा प्रबंधन एवं जेल ख – जिला प्रशासन एवं राजस्व ग – बिजली, पानी एवं सफाई घ – नगर निकाय – केवल स्वच्छता एवं जलापूर्ति आदि से संबंधित अनिवार्य कर्मचारी उपरोक्त दोनों श्रेणियों में बताए गए कार्यालय न्यूनतम कर्मचारियों के साथ काम करेंगे। अन्य सभी कार्यालय केवल वर्क फ्रॉम होम कराएंगे।
3. अस्पताल एवं संबंधित चिकित्सा इकाइयां, उनके विनिर्माण एवं वितरण से जुड़ी इकाइयां, केमिस्ट, डिस्पेंसरी, नर्सिंग होम, एंबुलेंस एवं इनके आवागमन आदि कायोर् में जरूरी परिवहन चलते रहेंगे। इनके सहयोग के लिए जरूरी पैरा मेडिकल स्टाफ व अन्य को भी अनुमति रहेगी।
4. वाणिज्यिक एवं निजी कंपनियां बंद रहेंगी।
इन्हें रहेगी छूट : क-दुकानें, पीडीएस के तहत चलने वाली राशन दुकानें, खाने-पीने, दूध, रसोई के सामान आदि से संबंधित दुकानें। हालांकि, लोगों को घरों से कम से कम निकलना पड़े, इसके लिए जिला प्रशासन होम डिलीवरी को बढ़ावा देगा। ख -बैंक, इंश्योरेंस ऑफिस, एटीएम ग -प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया घ -दूरसंचार, इंटरनेट, ब्रॉडकास्ट एवं केबल सर्विस। आवश्यक सेवाओं से जुड़ी आइटी इकाइयां, हालांकि यथासंभव वर्क फ्रॉम होम।
5. ई-कॉमर्स के जरिये खाद्य पदार्थ, दवा, मेडिकल उपकरण समेत आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी
मोदी के संबोधन के बाद राशन, सब्ज़ी औऱ किराना दुकानों में भारी भीड़
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशभर में 21 दिनों तक लॉक डाउन और कर्फ्यू की घोषणा के बाद देश के कई शहरों के बाजारों में राशन सब्जी और किराना सामान लेने दुकानों में लोगों की भीड़ टूट पड़ी। रात आठ बजे पीएम का संबोधन के कुछ ही देर बाद बाजार में भीड़ बढ़ने लगी। करीब नौ बजे के बाद स्थिति यह हो गई कि वहां पैर रखने की जगह नहीं बची थी लोग जरूरत का सामान खरीदने के लिए दुकानों में होड़ मचा रहे थे। किराना दुकान, सब्जी और राशन दुकानों में लोग जरूरत का सामान लेने के लिए डटे रहे।
21 दिनों के हिसाब से ज्यादा सामान खरीद लिया
इस दौरान जिसे जो सामान मिला वह उसे खरीदता चला गया। स्थिति यह हो गई कि 21 दिनों के हिसाब से लोगों ने कहीं ज्यादा मात्रा में सब्जियां खरीद ली। आलू, प्याज सहित राशन की कई बोरियां लोगों ने खरीद ली। हालत ऐसी हो गई कि दुकानदारों ने अपनी दुकान के शटर गिरा दिए। रात 10:30 के दौरान बाजार में यही स्थिति बनी रही। इस दौरान राशन के अलावा मिल्क पार्लर और मेडिकल स्टोर में भी काफी भीड़ जुटी रही। हालांकि 21 दिनों के लॉक डाउन के दौरान जरूरत के सामानों की दुकानों को खोलने की छूट मिली है। इसके बावजूद लोगों में इस कदर आपाधापी मची रही कि वह अपनी जरूरत के सामान लेने बाजार में देर रात तक डटे रहे।
