खेतिया (सुभाष सोनेस-महेश भावसार) केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में पारित किए गए तीन नए कृषि काले कानूनो को निरस्त करने की मांग को लेकर मंगलवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने रैली निकालकर तहसील कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा है।
कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष संजय निकुम (जैकी) के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेखित है, कि मोदी सरकार द्वारा कृषि अध्यायदेश (काला कानून) लागू कर देश के करोड़ों किसानों को वर्षों से जारी सरकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य व राज्यों की कृषि मंडियों को कमजोर करते हुए देश के कुछ चुनिंदा पूंजीपतियों को लाभ देने का काम किया जा रहा है। मोदी सरकार ने देश के किसानों के खिलाफ घिनौना षंड्यंत्र किया है। केंद्र सरकार ने तीन काले कानूनों के माध्यम से देश की हरित क्रांति को हराने की साजिश की है। देश के अन्नादाताओं की मेहनत को पूंजीपतियों के हाथों गिरवी रखने का षड़यंत्र किया जा रहा है। देश भर में आज 62 करोड़ किसान-मजदूर व 250 से अधिक किसान संगठन इस काले कानूनों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। लेकिन केन्द्र सरकार किसानों की एक सुनने को तैयार नहीं है। केन्द्र सरकार ने संसद के अंदर तीन काले काूननों को जबरन तथा बगैर किसी चर्चा के पारित किया है। उन्होंने बताया कि कृषि अध्यादेश कानून लागू होने से अनाज मंडी, सब्जी मंडी, को खत्म करने से कृषि उपज खरीद व्यवस्था पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी। अगर पूरे देश की कृषि उपज मंडी व्यवस्था खत्म हो गई तो इससे बड़ा नुकसान किसान और मजदूर का होगा। सबसे बड़ा फायदा पूंजीपतियों को होगा। मंडियों खत्म होने से अनाज, सब्जी मंडी में काम करने वाले मजूदरों, आढ़तियों, ढुलाईदारों, ट्रांसपोर्टरों रोजी रोटी की साधन खत्म हो जाएगी। अध्यादेश के माध्यम से किसान को ठेकाप्रथा में फंसाकर उसे अपनी ही जमीन पर मजदूर बना दिया जाएगा। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कार्यकर्ताओं ने रेस्ट हाऊस से रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया और केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तहसील कार्यालय पहुंच कर कानून को निरस्त किए जाने की मांग को लेकर एक ज्ञापन भी सौंपा । ज्ञापन देने के दौरान नगर कांग्रेस अध्यक्ष शेखर भावसार, पुर्व ब्लॉक अध्यक्ष रोहिदास सोलंकी, राजेंद्र टाटिया,लक्ष्मण सिंगदाने, कालूराम सावडे,बालूसिंह भोसले, रमेश भोसले,अनिल चौधरी पार्षद, राकेश चौधरी पार्षद,पंडित गवले , प्रवीण पदमोर,राहुल जाधव,डोंगरसिंह तरोले, वागरा भाई सरपंच,किशोर पाटिल,किशोर लकड़े, शकिल भाई, प्रहलाद राठौर,जितेंद्र सनेर, दिनेश सोनिस, रविन्द्र सोनिस
