गुजरात के बाद भाजपा मध्यप्रदेश में बम्पर जीत हासिल करने के लिए रणनीति पर काम कर रही है।इंटरनल सर्वे रिपोर्ट से हाईकमान को यकीन हो गया है कि 2023 में होने वाले विधान सभा चुनाव में प्रदेश में एंटी इनकम्बेंसी से बड़ा नुकसान हो सकता है। इंतजार था तो बस गुजरात चुनाव का, वहाॅं के परिणामों ने मुहर लगा दी है कि शिवराज सरकार की बड़ी सर्जरी करके ही जनता की नाराजगी को कम किया जा सकता है। शिवराज कैबिनेट में जो 4 पद खाली है इन्हें भरने की सहमति हाईकमान ने इसलिए भी अभी तक नही दी है क्योंकि प्रदेश की सरकार में
बड़े फेरबदल की तैयारी है। विधायको के कामकाज को लेकर सर्वे किये गये है। सिंधिया समर्थक मंत्रियों पर भी गाज गिर सकती है। गुजरात की तर्ज पर मध्यप्रदेश में भी हाईकमान 20 से 25 साल के विधायको के टिकट काटने की तैयारी है। इसको देखते हुए लगता है कि मौजुदा 127 विधायकों(जिसमें मंत्री भी शामिल) में से करीब 65 के टिकट कट सकते है। 2023 के चुनाव में माना जा रहा है कि चेहरा प्रधानमंत्री मोदी जी का ही होगा।
