बड़वानी /जिला दण्डाधिकारी श्री शिवराजसिंह वर्मा ने दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत एक पक्षीय आदेश जारी कर कोरोना वायरस संक्रमण के मददेनजर धार्मिक कार्यक्रम एवं त्यौहारों के मददेनजर जारी नवीन आदेशो के उल्लंघन पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 में उल्लेखित प्रावधानो अनुसार कार्यवाही के निर्देश जारी किये ।
जारी नवीन अतिरिक्त निर्देश


पूर्व में 20 जुलाई 2021 को जारी आदेश को यथावत रखते हुये उसमें नवीन आदेश का समावेश इस प्रकार किया गया है।
ऽ प्रतिमा के लिये पाण्डाल का आकार अधिकतम 30ग45 फीट नियत किया जाता है। झांकी निर्माताओं को आवश्यक रूप से यह सलाह दी जाती है कि ऐसी झाकियां की स्थापना एवं प्रदर्शन नहीं करें, जिनमें संकुचित जगह के कारण श्रद्धालुओं/दर्शकों की भीड़ की स्थिति बनें तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन ना हो सकें। झांकी स्थल पर श्रद्धालुओं/दर्शकों की भीड़ एकत्र नहीं हो तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो, इसकी व्यवस्था आयोजकों को सुनिश्चित करना होगी।
ऽ मूर्ति का विसर्जन संबंधित आयोजन समिति द्वारा किया जाएगा। विसर्जन स्थल पर ले जाने के लिये अधिकतम 10 व्यक्तियों के समूह की अनुमति होगी। इसके लिये आयोजकों को पृथक से संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी से लिखित अनुमति प्राप्त किया जाना आवश्यक होगा।
ऽ संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी द्वारा विसर्जन के लिये अधिक से अधिक उपयुक्त स्थानों का चयन किया जाये ताकि विसर्जन स्थल पर कम भीड़ हो।
ऽ कोविड संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए धार्मिक/सामाजिक आयोजन के लिये चल समारोह निकालने की अनुमति नहीं होगी। विसर्जन के लिये सामुहिक चल समारोह भी अनुतम्य नहीं होगा। लाउड स्पीकर बजाने के संबंध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी की गई गाईड लाईन का पालन किया जाना अनिवार्य होगा।
