शशांक शेखर बाजपेई। दिसंबर और जनवरी एक डोर के दो सिरे हैं। दिसंबर साल भर के अनुभव को दिखा देता है, जबकि जनवरी से नए साल की उम्मीदें शुरू होती हैं। दिसंबर से जनवरी आने में एक महीना लगता है और जनवरी से दिसंबर तक की यात्रा एक साल में पूरी होती है। साल 2019 कई खट्टी-मीठी यादों के साथ अलविदा कहने जा रहा है और 2020 का सूरज नई उम्मीदों और मंजिलों को लेकर आने को तैयार है। हर कोई जानता है कि उसका यह साल कैसा बीता और यह भी जानना चाहता है कि आने वाला साल कैसा बीतेगा।

ग्रह, नक्षत्रों की चाल के आधार पर ज्योतिषीय विश्लेषण के आधार पर हम आपको बताने जा रहे हैं कि आने वाला साल 2020 आपके लिए क्या सौगात लेकर आ रहा है और किन क्षेत्रों में आपको सावधानी रखनी चाहिए। हालांकि, यह सामान्य भविष्यकथन है। मगर, यदि आप अपने बारे में सटीक जानकारी चाहते हैं, तो आपको सलाह दी जाती है कि अपनी कुंडली की विवेचना किसी योग्य ज्योतिषी से जरूर करवाएं।

यह दो बड़े ग्रह- बड़े बदलाव लाएंगे

इस नए साल में न्याय के देवता शनि 24 जनवरी से राशि परिवर्तन कर धनु राशि से अपनी ही राशि मकर में 09:53 पर प्रवेश करेंगे। इसकी वजह से कुंभ राशि पर शनि की साढ़े साती शुरू होगी और वृश्चिक राशि में साढ़ेसाती का असर खत्म हो जाएगा। इसके साथ ही इसी वर्ष 11 मई से 29 सितंबर तक शनि मकर राशि में ही वक्री होंगे और 27 दिसंबर को अस्त होंगे। मिथुन और तुला राशि पर ढैय्या लगेगी। शनि के मकर राशि में जाने पर वृषभ और कन्या राशि के जातकों शनि के अशुभ प्रभाव से मुक्त हो जाएंगे। वहीं, देवगुरु बृहस्पति 30 मार्च 2020 को मकर राशि में 03:50 पर प्रवेश करेंगे।

साल 2020 आपकी लव लाइफ और पारिवारिक जीवन के मामले में कैसा रहेगा, इस बारे में बता रहे हैं ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ एस्ट्रोलॉजर्स सोसाइटी के कानपुर चैप्टर के वाइस चैप्टर चेयरमैन शील गुप्ता…

मेष- मेष राशि वालों के लिए इस साल पति-पत्नी के बीच संबंध सामान्य रहेंगे। कोई ज्यादा उतार-चढ़ाव आने की आशंका नहीं है। जीवनसाथी का सहयोग मिलता रहेगा। तुला राशि में ढैय्या लगने से जीवनसाथी को थोड़ी मानसिक परेशानी हो सकती है।

वृष- वृषभ राशि वालों जातकों की ढैय्या 24 जनवरी से खत्म हो रही है। लिहाजा काफी लंबे समय से जो मानसिक परेशानियां चल रही थीं, उनसे निजात मिलेगी। वहीं मार्च में देवगुरु के मकर राशि में प्रवेश करने से भाग्य का साथ भी मिलेगा। अकेले हैं, तो शादी के योग बन सकते हैं। विवाहित हैं, तो जीवनसाथी से भरपूर सहयोग और प्रेम मिलेगा।

मिथुन- मिथुन राशि वालों जातकों को इस साल शनि की ढैय्या लग रही है। लिहाजा, मानसिक तनाव होने से पारिवारिक जीवन में पहले जितना आनंद नहीं मिलेगा। मार्च तक का समय फिर भी अच्छा बीतेगा। अष्टमभाव में शनि और गुरु की युति होने से ससुराल पक्ष से सहयोग और लाभ मिलेगा। जीवनसाथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

कर्क- कर्क राशि के जातकों के लिए यह साल मिला-जुला रहेगा। जीवनसाथी से थोड़ी दूरी हो सकती है। कार्य क्षेत्र में व्यस्तता और धार्मिक कार्यों में रुझान बढ़ने से परिवार को समय कम दे पाएंगे। हालांकि, मकर राशि में देवगुरू के उपस्थित रहने की वजह से कोई विशेष परेशानी नहीं होगी।

सिंह- सिंह राशि वालों के लिए यह साल थोड़ा परेशानी भरा साबित हो सकता है। छठवें भाव में शनि और गुरु की युति होने से कर्ज और मर्ज बढ़ सकता है। थोड़ी सतर्कता और सावधानी रखने की जरूरत है। जीवनसाथी के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।

कन्या- कन्या राशि वाले जातकों के लिए यह साल पहले से अच्छा बीतेगा। शनि की ढैय्या खत्म होने से मानसिक परेशानियों से राहत मिलेगी। भाग्य का साथ और जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। परिवार को इस साल पहले से अधिक समय दे सकेंगे। कुल मिलाकर समय अच्छा बीतेगा।

तुला- तुला राशि के जातकों पर इस साल शनि की ढैय्या लग रही है। लिहाजा, मानसिक परेशानियां हो सकती हैं। घर-परिवार से आपको दूर रहना पड़ सकता है। मार्च में गुरुदेव के मकर राशि में प्रवेश करने से थोड़ी राहत मिलेगी। जीवनसाथी का साथ और सहयोग मिलने से परेशानियां कम महसूस होंगी।

वृश्चिक- मार्च में पराक्रम भाव में शनि और गुरु की युति होने से पराक्रम बढ़ेगा, भाग्य का साथ मिलेगा। साढ़े साती से मुक्ति मिलने की वजह से कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ने की संभावना है, इसलिए हो सकता है कि जीवनसाथी को समय कम दे पाएं। मगर, इसकी वजह से कोई परेशानी नहीं आएगी। जीवनसाथी का सहयोग और साथ मिलता रहेगा। कुल-मिलाकर साल अच्छा बीतेगा।

धनु- धनु राशि के जातकों के दूसरे भाव में मार्च में शनि और गुरु की युति होने से ससुराल से संबंधित किसी मामले में आपको शामिल होना पड़ सकता है। पैतृक धन-संपत्ति मिलने का योग है। जीवनसाथी से सहयोग मिलता रहेगा। सातवें भाव में शनि की ढैय्या लगने से जीवनसाथी को कुछ मानसिक उलझनें हो सकती हैं।

मकर- इस राशि में ही शनि के आने से साढे़ साती का दूसरा चरण शुरू होगा। लिहाजा, मानसिक परेशानियों के साथ इस साल आर्थिक परेशानियां भी सामने आ सकती हैं। हालांकि, मार्च में देवगुरू के मकर राशि में आने की वजह से जीवनसाथी से हर कदम पर मदद भी मिलती रहेगी। कार्यक्षेत्र में ढैय्या लगने की वजह से परिवार के लिए समय निकालना थोड़ा मुश्किल होगा।

कुंभ- इस राशि के जातकों की साढ़े साती शुरु हो रही है। लिहाजा, उन्हें इस साल मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जीवनसाथी से बनाकर चलेंगे, तो लाभ की स्थिति में रहेंगे। घर में कलह की स्थिति उत्पन्न न होने दें। कुल मिलाकर जीवनसाथी और परिवार के मामले में मिला-जुला असर रहेगा।

मीन- मीन राशि वालों के लिए साल मिला जुला रहेगा। जीवनसाथी के साथ सामान्य रिश्ते चलते रहेंगे। आय के क्षेत्र प्रभावित होने की वजह से मानसिक परेशानी हो सकती है, जिसका असर जीवनसाथी के साथ संबंधों पर पड़ सकता है। लिहाजा, ऑफिस के काम को घर के बाहर ही छोड़कर आएं और घर में प्रसन्नता का माहौल बनाकर रखें।

यह उपाय कर सकते हैं

साल 2020 में अपनी लव लाइफ और पारिवारिक जीवन में सुख शांति के लिए नियमित शनि के मंत्र ओम प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः मंत्र का जाप करें। पुराने कपड़े किसी जरूरतमंद को दान करें। शनि देव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार के दिन उन्हें तेल चढ़ाएं और पीपल के पेड़ की विशेष रूप से पूजा करनी चाहिए।

शनिवार को काले तिल का दान, शमी के पेड़ की पूजा और चमड़े के जूते-चप्पल का दान करना भी शुभ माना गया है।

शुक्रवार को सुगंधित इत्र या परफ्यूम खरीदकर उसका इस्तेमाल करें। इसके अलावा शुक्रवार को पति-पत्‍नी साथ में गुलाब या कोई भी सफेद रंग के सुगंधित फूल खरीदें और उन्हें अपने बेडरूम में लगाएं। अपने बेडरूम के पूर्वोत्तर के कोने को साफ और सुगंधित रखेंगे, तो पति-पत्नी के बीच प्रेम संबंध मधुर बने रहेंगे।

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