आज लगातार तीसरे दिन भी रूसी सेना के भयावह हमले से यूक्रेन के कई शहर दहल रहे हैं। यूक्रेन की राजधानी कीव पर लगातार हमले जारी हैं। रूस की ओर से दागी गई 160 से ज्यादा मिसाइलों से राजधानी कीव की हालत किसी उजड़े हुए शहर जैसी हो गई है। दहशत में जी रहे लोग सबवे, खाई और मेट्रो स्टेशनों में छिपे रहे। साथ ही यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने दावा किया है कि रूसी सेना राजधानी कीव के बाहर पहुंच गई है और राजधानी कीव के बाद जोरदार गोलीबारी चल रही है।

यूक्रेन में फंसे भारतीयों के लिए नई एडवाइजरी, किसी भी बॉर्डर पोस्ट पर जाएं

रूस और उक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के बीच भारतीय दूतावास ने यूक्रेन में फंसे सभी भारतीय नागरिकों को सलाह दी है कि वे बॉर्डर पोस्ट की ओर न जाएं। यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी जारी कर कहा है कि भारत सरकार के अधिकारियों के साथ पूर्व समन्वय के बिना किसी भी बॉर्डर पोस्ट पर न जाएं।

यूक्रेन के कई शहर तबाह

रूस के भयावह हमले में यूक्रेन के कई शहर बुरी तरह से तबाह हो गए हैं। खार्किव शहर में मुख्य चौराहे पर कई इमारतें नष्ट हो गईं। मारुपोल शहर में सैन्य अड्डे के आसपास कई इमारतें और सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं। ओडेसा शहर के तेल केंद्र भी आग की लपटों में घिरे भयावह मंजर देखे जा रहे हैं। रूस ने यूक्रेन की 11 हवाई पट्टियों के साथ-साथ 70 से अधिक सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति ने शेयर किया इमोशनल वीडियो, हमें दुनिया ने अकेला छोड़ा

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने एक वीडियो संबोधन में कहा कि दुनिया ने हमें अकेला छोड़ दिया है। इस युद्ध में कोई समर्थन नहीं मिलने पर खेद व्यक्त किया और कहा कि उनका देश रूस से लड़ने के लिए छोड़ दिया गया है। वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि हमारे साथ लड़ने के लिए कौन खड़ा है? मैं किसी को नहीं देखता। वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने शुक्रवार रात को एक वीडियो शेयर किया, जिसमें कहा कि “हम यहां हैं। हम कीव में हैं। हम यूक्रेन की रक्षा कर रहे हैं।” इससे पहले एक अन्य वीडियो में उन्होंने कहा, “मैं यूक्रेन में हूं। मेरा परिवार यूक्रेन में है। मेरे बच्चे यूक्रेन में हैं। वे देशद्रोही नहीं हैं। वे यूक्रेन के नागरिक हैं। हमें जानकारी मिली है कि मैं यूक्रेन के पहले निशाने पर हूं।”

भारत के अलावा चीन और यूएई ने भी निंदा प्रस्ताव से खुद को रखा दूर

रूस-यूक्रेन युद्ध में अमेरिका ने भले ही समर्थन देने के बात कह रहा है, लेकिन अपनी सेना उतारने के फैसले से साफ इनकार कर दिया है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी ने कहा कि अमेरिकी सांसद इस लड़ाई के लिए यूक्रेन को 60 लाख डॉलर के घातक रक्षा हथियार मुहैया कराना चाहते हैं। इस बीच सुरक्षा परिषद में रूस के खिलाफ निंदा प्रस्ताव में भारत ने खुद को वोटिंग से दूर रखा और रूस ने इस निंदा प्रस्ताव के खिलाफ वीटो पॉवर का इस्तेमाल कर लिया है। भारत के अलावा चीन और यूएई ने भी निंदा प्रस्ताव से खुद को दूर रखा।

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