खेतिया / भागवत कथा में कई महत्वपूर्ण प्रसंग का समावेश हुआ है भागवत कथा में सच्चा आनंद हरीभक्ति से आता है । उक्त उद्गगार और हरसोला समाज भवन में आयोजित सात दिवसीय भागवत सप्ताह के अंतर्गत पांचवें और छठे दिन परम श्रद्धेय श्री ओमप्रकाश जी यादव बड़वानी ने भागवत कथा में व्यक्त किये । श्री यादव जी ने कहा कि भगवान ने हमें कथा सुनने के लिए कान मंदिर जाने के लिए पैर भगवान का अभिषेक करने के लिए हाथ दिये है उसके बाद भी हम वैष्णव भगवान से दूर होते जाते हैं ।

उन्होंने नन्द उत्सव का उल्लेख करते हुए कहा कि कुंती ने जब द्वारका जाते हुए कृष्ण से कहा था कि आपकी कृपा हमेशा बनी रहे तब भगवान श्री कृष्ण ने कहा था कि जहां सद्गुण है वहां कृपा हमेशा बनी रहती है व्यक्ति का बुरा समय तभी आता है जब ज्ञान आचरण से नहीं आता धुत राष्ट्र ने सौ साल तक राज किया लेकिन अच्छे काम नहीं कर पाए। गिरिराज उत्सव के अंतर्गत श्री यादव जी ने कहा कि भगवान इंद्र का घमंड चुर कर दिया कंस द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को ढूंढने के लिए राक्षसों को भेजा गया था भगवान श्रीकृष्ण के हाथों से राक्षस परास्त हो हो जाते तब गोकुल वासी भगवान इन्द्र की पूजा करते हैं । भगवान इन्द्र क्रोध में आकर भयंकर बारिश करते हैं इस समय भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी टीची उंगली से विशाल गोवर्धन पर्वत उठाकर उस प्रलयकारी बारिश से ग्रामवासियों की रक्षा करते हैं। भागवत कथा में वैष्णव के जनों ने मखाना गोली खडी शक्कर आदि की जमकर बारिश की और नंद के घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की गिरीराज धरण की जय उदघोष के साथ वैष्णव समाज जन झूमते हुए गरबा नृत्य करते हुए नजर आए । भगवत सप्ताह के इस आयोजन पर समाज के समस्त वैष्णव जन प्रतिदिन भागवत का रसपान कर रहे हैं।
