भोपाल / अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने सभी वर्गों को साधने का काम प्रारंभ कर दिया है। बुजुर्गों के माध्यम से पार्टी ने घर-घर पैठ बनाने की कार्ययोजना बनाई है। इसके अंतर्गत चुनाव से तीन माह पूर्व जो वचन पत्र जारी किया जाएगा, उसमें सत्ता में आने पर वरिष्ठ नागरिकों को सम्मान निधि (पेंशन) देने का प्रविधान करने का वादा होगा। आय की वार्षिक सीमा निधि प्राप्त करने के आड़े नहीं आएगा पर इसका लाभ उन्हें ही मिल सकेगा, जिन्हें अभी किसी प्रकार की पेंशन नहीं मिल रही है। प्रदेश में 60 वर्ष से अधिक आयु के 70.18 लाख मतदाता हैं।
प्रदेश की सत्ता में वापसी के लिए सभी वर्गों को साधने का प्रयास कर रही है। वचन पत्र के माध्यम से कांग्रेस युवाओं के लिए स्वरोजगार योजना और रिक्त शासकीय पदों को समयसीमा में भरने, अनसुचित जाति-जनजाति वर्ग के युवाओं के लिए विशेष योजना, किसानों की ऋण माफी, कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन की बहाली, पेंशनर की समय पर महंगाई राहत में वृद्धि की व्यवस्था, महिला स्व-सहायता समूहों का विस्तार सहित अन्य विषयों को लेकर आमजन के बीच जाएगी। वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी अलग से प्रविधान किए जाएंगे। वचन पत्र समिति की बैठक में इस विषय पर प्रारंभिक चर्चा भी हो चुकी है। सभी इस बात को लेकर एकमत हैं कि बुजुर्गों का सम्मान होना चाहिए।
आय की सीमा का बंधन होने के कारण अभी बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन के दायरे में नहीं आ पाते हैं। इस प्रविधान को समाप्त किया जाएगा और सिर्फ एक व्यवस्था होगा कि जिस वरिष्ठ नागरिक को पूर्व से कोई पेंशन प्राप्त नहीं हो रही है, उसे सम्मान निधि मिलेगी। सूत्रों का कहना है कि बुजुर्ग यदि कांग्रेस के इस कदम से प्रभावित होते हैं तो वे पार्टी के पक्ष में घर से लेकर समाज तक में वातावरण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
तीन सौ रुपये बढ़ाई थी सामाजिक सुरक्षा पेंशन
2018 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने घोषणा पत्र की जगह वचन पत्र जारी किया था। इसमें सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि तीन सौ रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर एक हजार रुपये करने का वचन दिया था। सरकार में आने पर पेंशन राशि तीन सौ रुपये की वृद्धि की गई थी। दूसरे चरण में चार सौ रुपये बढ़ाने थे पर सरकार चली गई। पूर्व वित्त मंत्री तरुण भनोत का कहना है कि हमने चरणबद्ध तरीके से वचन पत्र को पूरा करने की शुरुआत की थी। कांग्रेस हमेशा सभी वर्गों को लेकर साथ चलती है। कमल नाथ सरकार में किए गए काम इसका उदाहरण हैं। भाजपा इससे ही परेशान थी और षडयंत्र रचकर चुनी हुई सरकार को गिराने का काम किया।
