जबलपुर /  फर्जी तरीके से आयुष्मान योजना में हितग्राहियों का उपचार करना और शासन से उपचार राशि वसूलने के खेल में राजधानी भोपाल के अधिकारी भी शामिल थे। उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। सेंट्रल इंडिया किडनी अस्पताल में आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा हो रहा था। जिसकी जांच एसआइटी कर रही है।

ज्ञात हो कि होटल वेगा में आयुष्मान योजना के हितग्राहियों को भर्ती कर शासन को करोड़ो रुपये का फर्जीवाड़ा किया गया। सेन्ट्रल इंडिया किडनी अस्पताल की संचालक डा. दुहिता पाठक और उसके पति डा. अश्वनी पाठक ने भोपाल में बैठे आयुष्मान योजना के अधिकारियों से मिलीभगत कर रखी थी। एसआइटी को भोपाल से इस संबंध में शिकायत मिली थी। शिकायत में तीन अधिकारियों के नामों का जिक्र है। शिकायत मुख्यमंत्री, लोकायुक्त और मुख्य सचिव को भेजी गई है। इसमें आयुष्मान योजना भोपाल में बैठी एक अधिकारी जबलपुर की रहने वाली हैं। उस अधिकारी के सेन्ट्रल इंडिया किडनी अस्पताल की संचालक से करीबी संबंध बताए जा रहे है। इसी का फायदा आयुष्मान योजना के तहत फर्जीवाड़ा में किया गया।

एसआइटी के पास पहुंची शिकायत में तीन लाख रुपये के लेनदेन का भी जिक्र है। यह लेनदेन तब किया गया, जब वेगा अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि मामले के दबाने के लिए डा. दंपती के बेटे ने मामले में जबलपुर के एक अधिकारी को यह राशि दी थी।

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