भोपाल/ बैंकें 31 जनवरी से तीन दिन तक बंद रहेंगे। इस कारण प्रदेश के करीब 15 लाख अधिकारी, कर्मचारी और पेंशनरों को जनवरी का वेतन व पेंशन मिलने में देरी होगी। बैंकों में 31 जनवरी व 1 फरवरी को हड़ताल है। 2 फरवरी को अवकाश है। इस तरह हड़ताल व अवकाश के कारण बैंकों में कामकाज प्रभावित होगा। बैंककर्मी लंबित मांगों का निराकरण नहीं करने से नाराज हैं। इन्होंने 1 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी है।

यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स बैंक कर्मचारियों का साझा मंच है। इसमें कुल 9 यूनियनें हैं। इन्होंने सामूहिक रूप से हड़ताल बुलाई है इसलिए 99 फीसदी हड़ताल की संभावना है। यदि हड़ताल हुई तो अधिकारी, कर्मचारी सभी शामिल होंगे और बैंक बंद रहेंगे। हालांकि केंद्र सरकार यूनियन पदाधिकारियों से संपर्क में हैं।

दिल्ली में उच्च स्तरीय बैंठकों का दौर चल रहा है। ऐनवक्त पर हड़ताल स्थगित भी की जा सकती है। हड़ताल के संबंध में यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के दीपक रत्न शर्मा, मदन जैन, डीके पोद्दार, संजीव सबलोक, अरुण भगोलीवाल, प्रदीप बिलाला, संजय कुदेशिया, नजीर कुरैशी, जेपी झंवर, एमजी शिंदे, संतोष जैन आदि ने बताया कि वेतन पुनर्गठन समझौते को लागू नहीं किया जा रहा है।

यह लागू हो जाता तो बैंककर्मियों को आर्थिक मदद मिलती। केंद्र एक के बाद एक बैंकों को मर्ज करते जा रहा है, लेकिन इन बैंकों के बकाया वसूली को लेकर कोई ठोस नीति नहीं है। हजारों करोड़ों का बकाया डूब में चला जाएगा। इसका नुकसान बैंक, उनमें काम करने वाले कर्मचारी व देश को हो रहा है।

इसके कारण आर्थिक सुस्ती आ रही है। बैंकों को मर्ज करने से रोजगार के अवसर खत्म हो रहे हैं। यूनियन के पदाधिकारियों ने पूर्व में चेतावनी दी है कि 31 जनवरी, 1 फरवरी, 11, 12 व 13 मार्च को राष्ट्रव्यापी हड़ताल करेंगे। इसके बावजूद भी हल नहीं निकला तो 1 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

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