मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में दिसंबर चुनाव होना तय है |मध्य प्रदेश के सभी राजनीतिक दल अपने स्तर से सक्रिय होकर प्रचार प्रसार में लगे हुए हैं |अब चुनावी ‘ऊंट किस करवट” बैठेगा आने वाले विधानसभा चुनाव परिणाम बतलाएगा…? जो मध्य प्रदेश की राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ेगा |
आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र से लगभग 47 सीट आरक्षित वर्ग अनुसूचित जनजाति से आती है | विधानसभा में इन्हीं क्षेत्रों से चुनाव जीतकर विधायक आते हैं | कई वर्षों से इन आदिवासी जिलों में कांग्रेस पार्टी का वर्चस्व रहा है| ज्यादातर आदिवासी विधायक कांग्रेस की इन्हीं आरक्षित सीटों पर जीत कर आते रहे हैं | धीरे-धीरे इन सीटों पर भाजपा, अन्य पार्टी के विधायक भी कुछ क्षेत्रों से जीत कर आए हैं |
वर्तमान शिवराज सरकार आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में विशेषकर अपने पार्टी का प्रचार प्रसार का प्राथमिकता के आधार पर अभियान तेज कर रखा है | इन क्षेत्रों में भी लगातार उनका चुनावी भ्रमण चल रहा है |
कुछ वर्ष पूर्व इन आदिवासी क्षेत्रों से डॉ हीरालाल अलावा जो जयस “जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन” के संस्थापक हैं,सक्रिय क्रियाशील सदस्य बनाते हुए विधानसभा चुनाव में जयस के माध्यम से स्वतंत्र चुनाव लड़ने का मन बनाया था | किंतु कांग्रेस पार्टी से तालमेल होने के बाद उन्होंने मनावर विधानसभा से कांग्रेस पार्टी से टिकट लेकर चुनाव लड़ा और वहां जीत कर अपना प्रतिनिधित्व कायम किया |
आदिवासी युवा वर्ग जो उच्च शिक्षा स्तर प्राप्त किए हुए थे कहीं ना कहीं वह अपने आप को उपेक्षित महसूस कर रहे थे | जयस संगठन उनके लिए “आंख का तारा” बन गया |शायद इसी बात का इंतजार कर रहे थे |आदिवासी उच्च शिक्षित वर्ग लगातार संगठन से जुड़कर सक्रिय हो गए | इस संगठन पर लगातार कहीं न कहीं आरोप-प्रत्यारोप लगते रहे संगठन फर्जी है, संगठन में दो फाड़ हो चुकी है | किंतु संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने इस बात को नजरअंदाज कर लगातार सक्रिय रहे और अपने संगठन का लगातार प्रचार प्रसार कर सदस्यता अभियान अंदर ही अंदर मजबूत करते रहे|
जिला मुख्यालय बड़वानी आदिवासी बाहुल्य होकर यहां पर 4 विधानसभा बड़वानी,सेंधवा, राजपुर पानसेमल से विधायक चुनकर आते हैं |जहां राजपुर सेंधवा पानसेमल में कांग्रेस विधायक है,वही बड़वानी विधानसभा में भाजपा का कब्जा बरकरार है |
विगत दिनों आदिवासी अधिकार यात्रा का कार्यक्रम पाटी के गंधावल क्षेत्र में आयोजित किया गया था |जहां पर जयस के संस्थापक कांग्रेस के विधायक मनावर क्षेत्र के डॉ. हीरालाल अलावा ने सार्वजनिक रूप से मीडिया के माध्यम से यह कहा कि यदि जयस संगठन में सक्रिय कार्यकर्ताओं को आने वाले विधानसभा चुनाव में अपना दावा पेश करते हैं, तो उनका स्वागत है युवा वर्ग को आदिवासी उत्थान और विकास के लिए आगे आना चाहिए |
जिला बड़वानी जयस संगठन से अपने सक्रिय कार्यकर्ता विधिवत तरीके से लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में अंतिम छोर तक पहुंचकर सक्रिय एवं क्रियाशील सदस्य बना रहे| इसी कड़ी में सेंधवा से मोंटू सोलंकी,पानसेमल, राजू पटेल, बड़वानी विधानसभा से संदीप नरगावे एवं राजपुर विधानसभा से मुकेश पटेल अपने दावेदारी दिखाकर लगातार सक्रिय एवं संगठित होकर जयस के सदस्य गांव गांव प्रत्येक फलिये फलिये जा कर बना रहे हैं | कहीं ना कहीं उनकी जड़ें मजबूत कर रहे हैं, आने वाले समय में यह संगठन काफी सक्रिय और मजबूत स्थिति में एक वट वृक्ष के समान खड़ा हुआ मध्य प्रदेश की राजनीति में नजर आएगा |
जयस संगठन की सक्रिय पदाधिकारियों,कार्यकर्ताओं की एक विशेष कार्यशैली नजर आई जो युवा वर्ग के शिक्षित पदाधिकारी, संगठनात्मक सक्रिय कार्यकर्ता वह गांधीगिरी, सविधान के नियमों पर चलते हुए संविधान दिए गए सर्वहारा प्रदत अधिकारों का उल्लेख करते हुए आदिवासी अधिकार का महत्व समझते हुए उसी राह पर चल पड़े हैं |
