इंदौर /  व्यापारियों की ठगी का शिकार हुए अपने ही विधानसभा क्षेत्र के किसानों की उपज का भुगतान जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट नहीं करवा पा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र भी लिखा है। कृषि मंत्री कमल पटेल को भी बता चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। किसानों की पीड़ा देखते हुए भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।

दरअसल, करीब चार साल पहले वर्ष 2019 में सांवेर विधानसभा क्षेत्र के 186 किसानों ने इंदौर के खंडेलवाल परिवार की पांच व्यापारिक फर्मों में गेहूं बेचा था। व्यापारी गेहूं खरीदते रहे और किसानों को आश्वासन दिया कि कुछ दिन में भुगतान कर देंगे। इस बीच व्यापारियाें की नीयत में खोट आया और कुछ भुगतान करके किसानों का पैसा रोक लिया। कुछ दिन इंतजार के बाद परेशान किसानों ने मंडी समिति और जिला प्रशासन को शिकायत की।

अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद कुछ दिन व्यापारी कहते रहे कि आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, कुछ दिन में इंतजाम कर देंगे। इसी बीच कोरोना शुरू हो गया और सारी प्रक्रिया ठप हो गई। व्यापारी मौका देखकर फरार हो गए। किसानों ने धरना आंदोलन और प्रदर्शन किया। इसके बाद व्यापारियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करवा दी। अब तक न तो पुलिस उन व्यापारियों को तलाश पाई है और न ही मंडी बोर्ड किसानों का पैसा दिलवा पाया है।

संयुक्त किसान मोर्चा के रामस्वरूप मंत्री और बबलू जाधव ने बताया कि मंत्री, विधायक और जनप्रतिनिधियों के पत्रों पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। चार साल से किसान बकाया भुगतान के लिए भटक रहे हैं। कलेक्टर ने मंडी निधि से भुगतान किए जाने के दो बार प्रस्ताव किए। इसके बावजूद किसानों को उनकी उपज का पैसा नहीं मिल पा रहा है।

किसान संगठनों ने उपज का भुगतान कराने के लिए मुख्यमंत्री से लेकर कई विधायकों, मंत्री सिलावट, भाजपा नेता विजयवर्गीय, सांसद शंकर लालवानी सहित सभी जनप्रतिनिधियों को भुगतान कराए जाने की मांग को लेकर ज्ञापन दिए हैं। लगता है कि मुख्यमंत्री कार्यालय में मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों के पत्रों को भी तवज्जो नहीं दी जाती है।

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