बड़वानी /नेशनल लोक अदालत में न्यायालयीन प्रकरणो का निराकरण सुलह एवं समझौते के आधार पर होता है। पक्षकार 08 फरवरी को लगने वाली इस नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक संख्या में प्रकरणों का निराकरण करवाये इसके लिये जिले में 15 खण्डपीठो का गठन किया गया है।
सुलह एवं समझौते के आधार पर प्रकरणो के निराकरण करने का सशक्त माध्यम है लोक अदालत
नेशनल लोक अदालत के लिये बुधवार को आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री रामेश्वर कोठे ने बताया कि नेशनल लोक अदालत में विभिन्न प्रकार की विशेष छूट प्रदान की जायेगी। इन छूटो का पक्षकार लाभ उठाकर प्रकरण का निराकरण कराये। साथ ही अन्य प्रिलिटिगेशन एवं लिटिगेशन स्तर के प्रकरणो का भी पक्षकार सुलह एवं समझौते के आधार पर निराकरण करवाकर आपसी सद्भाव को बढ़ाये।
उन्होने बताया कि 08 फरवरी को आयोजित होने वाली इस नेशनल लोक अदालत में 846 पेण्डिंग प्रकरण तथा 5731 प्री-लिटिगेशन के प्रकरण रखे जायेंगे।
पत्रकार वार्ता के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री कोठे ने बताया कि 08 फरवरी को आयोजित नेशनल लोक अदालत में विद्युत अधिनियम की 2003 की धारा 135, 138 एवं 126 के अंतर्गत न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए निम्नदाब श्रेणी के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 5 किलोवाट भार तक के गैर घरेलू, 10 अश्वशक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को निम्नानुसार छूट दी जायेगी ।
ऽ प्रिलिटिगेशन स्तर पर:- ( जो न्यायालय में दर्ज नही है ) कम्पनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 40 प्रतिशत की छूट एवं 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट प्रदान की जायेगी।
ऽ लिटिगेशन स्तर पर:- (जो न्यायालय में दर्ज है ) कम्पनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 25 प्रतिशत की छूट एवं 16 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट प्रदान की जायेगी।
इस दौरान विशेष न्यायाधीश श्री दिनेशचन्द्र थपलियाल, तृतीय अपर जिला न्यायाधीश श्री आशुतोष अग्रवाल सहित पत्रकार बंधु उपस्थित थे।

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