बड़वानी /  विलक्षण प्रतिभा की धनी एक शरारत भरी आवाज 90 के दशक में जिसने अपने धमाकेदार गानों से फिल्मी दुनिया में धुम मंचा दी थी ऐसी सुपरहिट गायिका पूणिमा श्रेष्ठ (जिनका बचपन में नाम सुषमा था) 19 मई 2024 को बड़वानी में विनोद मुकाती के “भजन बजरंग बली सुन्दर कांड में आना” को अपनी आवाज में रिकार्डिंग करवाने एवं फिल्मांकन कराने के लिए बड़वानी पधार रही है।एनजीएम म्यूजिक / स्वर संगम के प्रतिनिधि ने जानकारी देते हुए बताया कि पूर्णिमा श्रेष्ठ ने 10 वर्ष की उम्र में पहला फिल्मी गीत रेकार्ड किया था.. “पापा को मम्मी से प्यार है” (फिल्म अंदाज संगीत शंकर जय किशन) यह गीत बहुत लोकप्रिय हुआ। इसके बाद फिल्म अंकुश का प्रसिद्ध गीत “इतनी शक्ति हमे देना दाता” इतना प्रसिद्ध हुआ कि देश के प्रत्येक स्कूल में बच्चों द्वारा समूह गान के रूप में गाया जाने लगा।

फिल्म आ गले लग जा का प्रसिद्ध गीत “तेरा मुझसे है पहले का नाता” एवं “क्या हुआ तेरा वादा” इन दोनो गीतों के लिए 1977 में आपको फिल्म फेयर अवार्ड राष्ट्रीय पूरस्कार प्राप्त हुआ। 1990 के दशक में इन्होंने पूर्णिमा श्रेष्ठ के नाम से फिल्मों में अपनी अवाज दी। जिसमें प्रमुख रूप-बरसात में जब आयेगा सावन का महिना,-बोल राधा बोल,-चने के खेत में,-सोना कितना सोना है।

 

वर्ष 2014 में हिन्दी फिल्मों में योगदान के लिए आपको दादा साहेब फाल्के अवार्ड प्राप्त हुआ आपने भारत की सभी प्रमुख भाषाओं जैसे हिन्दी, मराठी, गुजराती, राजस्थानी, पंजाबी, भोजपूरी, नेपाली, बंगाली, अस्मी,तमील, तेलगू, मलयालम में अपनी आवाज दी है।

पूर्णिमा श्रेष्ठ के गीतों में भारतीय संस्कृति एवं लोक संस्कृति को दर्शाया है साथ ही आने वाली पीढ़ी जो इन गीतों को सुनेगी उन्हें शांति, आनंद एवं सच्चे संगीत की अनुभूति होगी।

इस अवसर पर 19 मई 2024 शाम 600 बजे स्थानीय साखी रिसोर्ट राजघाट रोड़ बड़वानी में 1 घंटे का संगीत समारोह एवं सम्मान समारोह रखा गया है। साथ ही श्रोताओं व पत्रकारों से भेंट का भी अयोजन किया गया है। स्वर संगम एवं एनजीएम म्यूजिक द्वारा सभी संगीत रसीक जन को आमंत्रित किया गया है।

 

 

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