
महाशिवरात्रि पर महाकाल गर्भगृह में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा लगातार 43 घंटे खुला रहेगा राजा का दरबार। प्रवेश के लिए अलग-अलग कतार।
उज्जैन।Mahashivratri विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में महाशिवरात्रि के लिए रात 2.30 बजे मंदिर के पट खुलेंगे तथा भस्मारती होगी। इसके बाद सुबह 4.30 बजे से दर्शन का सिलसिला शुरू होगा, जो 22 फरवरी को रात 10.30 बजे शयन आरती तक जारी रहेगा। इस दौरान 43 घंटे भक्तों के लिए राजाधिराज का दरबार खुला रहेगा। मंदिर के गर्भगृह में भगवान महाकाल की पूजा अर्चना क्रम चलता रहेगा। महापर्व पर मंदिर के गर्भगृह में भक्तों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है। वीआईपी तथा आम दर्शनार्थियों को एक साथ नंदी हॉल के पीछे गणेश मंडपम् से भगवान महाकाल के दर्शन होंगे।
मंदिर प्रशासक सुजानसिंह रावत ने बताया भक्तों की सुविधा के लिए पर्याप्त इंतजाम किए हैं। श्रद्धालुओं को कम समय में सुगमता से भगवान महाकाल के दर्शन कराए जाएंगे। आम और खास के बीच कोई भेद ना रहे इसके लिए शासन के निर्देश पर गर्भगृह में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
वीआईपी व सामान्य दर्शनार्थी गणेश मंडपम् के बेरिकैडस् से एक साथ दर्शन करेंगे। देश विदेश से आने वाले भक्तों को पेयजल, स्वास्थ्य, शौचालय आदि की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। दर्शन की कतार में खड़े भक्तों को धूप ना लगे इसलिए शामियाने लगाए गए हैं। मोबाइल नेटवर्क तथा नेट की सुविधा के लिए जिओ कंपनी के माध्यम से अस्थाई टॉवर भी लगाया है। अतिवृद्ध व दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए व्हील चेयर की सुविधा उपलब्ध रहेगी। दर्शनार्थियों को सूचना बोर्ड के माध्यम से विभिन्न् जानकारियां दी जाएंगी।
चार प्रहर की पूजा होगी
-दोपहर 12 बजे स्टेट की ओर से भगवान महाकाल की पूजा होगी। कलेक्टर शशांक मिश्र व तहसीलदार पूजन करेंगे।
-शाम 4 बजे मंदिर के पुजारी सिंधिया व होलकर रावंश की ओर से राजाधिराज की पूजा करेंगे।
-रात 11 बजे से मंदिर के गर्भगृह में महापूजा का क्रम शुरू होगा,जो सारी रात चलेगा।
-22 फरवरी को तड़के 4 बजे भगवान का सप्तधान्य रूप में श्रृंगार कर सवामन फूल व फलों का सेहरा सजाया जाएगा।
दोपहर 12 बजे होगी भस्मारती
22 फरवरी को दोपहर 12 बजे भगवान महाकाल की भस्मारती होगी। साल में एक बार महाशिवरात्रि के अगले दिन भगवान की दिन में भस्मारती की जाती है।
पुजारियों का पारणा कराएगी समिति
शिवनवरात्रि के नौ दिन मंदिर के पुजारी, पुरोहित उपवास रखते हैं। 22 फरवरी को दोपहर 2.30 बजे प्रवचन हॉल में पारणा होगा। मंदिर समिति पुजारी, पुरोहितों को भोजन कराकर दक्षिणा भेंट करेगी।
भक्तों के लिए अलग–अलग कतार
सामान्य दर्शनार्थी : हरसिद्धि मंदिर चौराहा से दर्शन की कतार में लगेंगे। इसके बाद बड़े गणेश, मंदिर के पुलिस चौकी गेट के सामने से होते हुए सरस्वती स्कूल, माधवसेवा न्यास की पार्किंग, जिगजेग, फैसिलिटी सेंटर से होते हुए मंदिर में प्रवेश करेंगे।
शीघ्र दर्शन टिकट व विशेष पास धारी : हरसिद्धि चौराहा से दर्शन की कतार में लेगेंगे। पश्चात बड़े गणेश मंदिर के सामने से होते हुए भस्मारती द्वार से मंदिर में प्रवेश करेंगे। दिव्यांग व वृद्धजनों को भी उक्त भक्तों के साथ प्रवेश दिया जाएगा।
पुजारी,पुरोहित : हरसिद्धि चौराहा से दर्शन की कतार में लगेंगे। पश्चात महाकाल प्रवचन हॉल से कोटितीर्थ कुंड के समीप से मंदिर में प्रवेश करेंगे।
वीवीआईपी : बेगमबाग के रास्ते माधवसेवा न्यास के पिछले हिस्से से होकर महाकाल धर्मशाला के वीवीआईपी गेट से मंदिर में प्रविष्टि होंगे।
मीडियाकर्मी : मीडियाकर्मी बेगमबाग के रास्ते माधवसेवा न्यास के पिछले हिस्से से होकर शंख द्वार से मंदिर में प्रवेश करेंगे।
नई सड़क से निर्गम : दर्शन उपरांत सभी भक्त निर्गम द्वार से मंदिर के बाहर आएंगे तथा रूद्रसागर के समीप बनाई गई सड़क से गंतव्य की ओर रवाना होंगे।
महाशिवरात्रि पर भस्मारती दर्शन के लिए यह मार्ग
महाशिवरात्रि पर 21 फरवरी को तड़के 4 बजे होने वाली भस्मारती दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को बेगमबाग के रास्ते से होकर माधवसेवा न्यास के पिछले हिस्से के सामने से होकर मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा।
यहां से खरीदें 250 रुपए के टिकट
मंदिर प्रशासन ने जयसिंहपुरा मार्ग तथा हरसिद्धि चौराहा पर 250 रुपए के शीघ्र दर्शन टिकट के चार काउंटर लगाए हैं। भगवान महाकाल के जल्दी दर्शन करने की इच्छा रखने वाले भक्त उक्त काउंटरों से टिकट खरीद सकते हैं।
हरसिद्धि चौराहा पर निशुल्क जूता स्टैंड
मंदिर प्रशासन ने हरसिद्धि चौराहा पर जूता चप्पल स्टैंड स्थापित किया है। 72 रैक के जूता स्टैंड में एक समय 7 से 8 हजार भक्तों के जूते-चप्पल रखे जा सकते हैं। दर्शन के बाद श्रद्धालु रूद्रसागर के समीप बनाई गए मार्ग से पुन: स्टैंड पर पहुंचकर अपनी पादुकाएं प्राप्त कर सकते हैं।
चारधाम मंदिर के सामने लगेंगे प्रसादी के स्टॉल
महाशिवरात्रि पर विभिन्न् संस्थाएं भक्तों को फलाहारी खिचड़ी प्रसादी का वितरण करती हैं। इस बार मंदिर प्रशासन ने चारधाम मंदिर के सामने पानी की टंकी के नजदीक स्टॉल लगानी की अनुमति दी है। इसी मार्ग से भक्त प्रसादी ग्रहण करते हुए अपने गंतव्य को लौटेंगे।
मंगलनाथ व अंगारेश्वर मंदिर में नहीं होगी भातपूजा
महाशिवरात्रि पर 21 फरवरी को मंगलनाथ व अंगारेश्वर महादेव मंदिर में भातपूजा नहीं होगी। भक्त पूरे दिन भगवान का जलाभिषेक व दर्शन कर सकेंगे। पं.रोहित उपाध्याय ने बताया अंगारेश्वर मंदिर में भक्तों को दिनभर खीर प्रसादी का वितरण होगा। शाम 4 बजे भगवान का सेहरा श्रृंगार कर महाआरती की जाएगी। भक्त दिवस पर्यंत भगवान के दर्शन व पूजन कर सकेंगे।
