बड़वानी  / 07 अगस्त 2025 को श्री खाटूश्याम मंदिर के निर्माण हेतु वृहद बैठक का  का आयोजन यादव धर्मशाला में किया गया, जिसमें नगर के कईगणमान्य नागरिक, व्यवसायी वर्ग, कई धार्मिक संस्थाओं एवं समितियों के सदस्य, पुरुष एवं महिला श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य बड़वानी में भव्य श्री खाटूश्याम मंदिर एवं परिसर इकाइयों से संबंधित निर्माण की जानकारी डिजिटल रूप से सदन को अवगत कराना एवं जनसमर्थन और सहयोग जुटाना था।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में श्री शिवांगी सतगुरु धाम कसरावद के परम पूज्य संत श्री राघवेंदा महाराजजी एवं श्री खाटूश्याम मंदिर मनावर के मुख्य पुजारी पंडित कपिल शास्त्री जी महाराज उपस्थित थे | मुख्य अतिथियों ने श्री खाटूश्याम बाबा की महिमा,मंदिर एवं मंदिर निर्माण में सहयोग के महत्व से संबंधित विषय पर सदन को अवगत करवाया । उन्होंने बड़वानी की जनता द्वारा उठाए गए इस अद्भुत कदम की सराहना की और इसे जनभावनाओं से जुड़ी एक ऐतिहासिक पहल बताया। साथ ही श्याम प्रेमी भक्तो से तन मन एवं धन से हर संभव सहयोग प्रदान करने का आह्वान किया |

पूर्व कैबिनेट मंत्री माननीय प्रेमसिंगजी पटेल के द्वारा भी सभा को संबोधित किया गया, जिसमें उन्होंने मंदिर निर्माण को एक सामाजिक और आध्यात्मिक जागृति का प्रतीक बताया। कार्यक्रम में श्री खाटूश्याम मंदिर निर्माण – संकल्प से साकार यात्रा की झलक दिखाते हुए एक प्रेरणादायी क्लिप प्रस्तुत की गई, जिसे उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा।

इस आयोजन में मंदिर की आधिकारिक वेबसाइटका डिजिटल विमोचन मुख्य अतिथि श्री पंडित कपिल शास्त्री जी महाराज के कर कमलों द्वारा किया गया, जिससे समस्त जानकारी अब डिजिटल माध्यम से भी उपलब्ध रहेगी। नगर में ऐसा प्रयास करने वाली श्री खाटूश्याम मंदिर समिति प्रथम संस्था हैं |

कार्यक्रम का संचालन श्री हेमंत अग्रवाल (समिति सदस्य)  द्वारा किया गया एवं  मार्गदर्शन समिति संरक्षक श्री राजेश अग्रवाल द्वारा दिया गया। उन्होंने सभी को बताया कि मंदिर के साथ-साथ भव्य तोरण द्वार, नर्मदा परिक्रमा वासियों हेतु विश्राम भवन, टिन शेडएवं संत कुटीका भी निर्माण प्रस्तावित है।

इस आयोजन की विशेष बात यह रही कि अनेक श्रद्धालुओं एवं भक्तों ने अपनी क्षमता अनुसार मंदिर निर्माण हेतु उदारतापूर्वक योगदान दिया, जो इस जनसंकल्प को और अधिक दृढ़ बनाता है।

समिति द्वारा सभी अतिथियों का तिलक व खाटूश्याम भगवान के निशान गमछेसे स्वागत किया गया। अंत में सभी श्रद्धालुओं को प्रसादीवितरित की गई।

समिति ने घोषणा की कि मंदिर का नींव पूजन देवशयनी एकादशी 2025को हुआ था एवं हमारा संकल्प व् लक्ष्य हैं की अगली देव शयनी एकादशी तक जनसहयोग के माध्यम से मंदिर निर्माण कार्यपूर्ण करने का हरसंभव प्रयास किया जावेगा ।

 

 

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