बड़वानी / म.प्र.वि.म. पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर आज पुराने कलेक्टर कार्यालय के सामने विद्युत पेंशनर्स ने धरना प्रदर्शन कर शासन के खिलाफ नाराजगी जताई। पेंशनर्स ने राज्य शासन से पेंशन भुगतान की गारंटी एवं केंद्र शासन द्वारा घोषित दर से समय पर महंगाई राहत (डी.आर.) भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की।

संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने बताया कि मध्यप्रदेश राज्य के विद्युत पेंशनर्स वर्ष 2006 के पूर्व नियुक्त कर्मचारी हैं, जिनकी सेवाएं विद्युत प्रदाय अधिनियम 1948 की धारा 79 (सी) के अंतर्गत विनियमित की गई थीं। सेवानिवृत्ति के पश्चात पेंशन भुगतान का स्पष्ट प्रावधान होने के बावजूद पेंशन संरक्षण एवं पेंशन फंड के संबंध में निर्धारित नियमों का पूर्ण पालन नहीं किया जा रहा है।

धरने में वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2012 में पेंशन फंड का वास्तविक आकलन करने के निर्देश दिए गए थे, परंतु 12 से अधिक वर्ष बीत जाने के बाद भी समुचित आकलन नहीं किया गया। सूत्रों के अनुसार लगभग 60,000 करोड़ रुपये की आवश्यकता के विरुद्ध अब तक मात्र लगभग 1,760 करोड़ रुपये ही जमा किए गए हैं। इससे भविष्य में पेंशन भुगतान की गारंटी पर प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है। वर्ष 2022 में पेंशन भुगतान रुकने की घटना का भी उल्लेख किया गया।

अध्यक्ष विद्युत मंडल पेंशनर्स एसोसिएशन बड़वानी अनूप जोशी ने अपने संबोधन में कहा कि “यह आंदोलन किसी नई सुविधा की मांग के लिए नहीं, बल्कि राजपत्र में प्रकाशित नियमों के पालन के लिए है। पेंशनर्स का जीवनयापन केवल पेंशन पर निर्भर है, ऐसे में महंगाई राहत का कम और विलंब से भुगतान करना अन्यायपूर्ण है। शासन को स्पष्ट रूप से पेंशन भुगतान की गारंटी देनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनिश्चितता न रहे।”

उन्होंने आगे कहा कि “केंद्र शासन द्वारा घोषित महंगाई राहत की दर से समय पर भुगतान होना चाहिए। विद्युत उपभोक्ताओं से टैरिफ के माध्यम से राशि वसूल की जाती है, फिर भी पेंशनर्स को पूरा लाभ नहीं मिल रहा है, जो गंभीर विषय है।”

पेंशनर्स ने यह भी आरोप लगाया कि जुलाई 2019 से दिसंबर 2025 तक केंद्र सरकार द्वारा घोषित महंगाई राहत की दरों के अनुरूप भुगतान नहीं किया गया। विद्युत कंपनियों द्वारा कम दर से एवं विलंब से भुगतान करने के कारण पेंशनर्स को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। परिशिष्ट अनुसार यह कुल हानि लगभग 664 प्रतिशत तक बताई गई है।

धरना स्थल पर मौजूद पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए पेंशन भुगतान की राज्य शासन द्वारा स्पष्ट गारंटी देने तथा केंद्र शासन द्वारा घोषित दर से समय पर महंगाई राहत देने की मांग की।

संयुक्त मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

 

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