बड़वानी / नगर में स्थित खंडेलवाल दिगंबर जैन मंदिर जिसको की आज शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर रहा है, समाज के महिला पुरुष युवा बच्चे आज प्रातः दिगंबर जैन मंदिर पहुंचे जहां भगवान नेमीनाथ के नवीन कमलासन पर विराजमान होने के बाद पहली बार भगवान के अभिषेक शांतिधारा संपन्न हुई,साथ ही आज जैन धर्म के 20 वे तीर्थंकर मुनिसुवृत नाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक होने से और शनिवार होने से विशेष महत्व हो जाता है और मुनिसुवृत नाथ भगवान जैन अमान्य के अनुसार शनि ग्रह के अधिष्ठाता है का भी अभिषेक कर निर्वाण काण्ड का वाचन कर निर्वाण लाडू चढ़ाया गया, भगवान के प्रथम अभिषेक हर्ष धर्मेंद्र गोधा ,शांतिधारा अंकुर अशोक दोषी ,मुनिसुवृत नाथ भगवान की शांतिधारा गौरव ओम प्रकाश जी काला, मुनिसुवृत नाथ भगवान का निर्वाण लाडू मनाली,यश,अनिल सेठी,बसंत जैन ने सौभाग्य प्राप्त किया नेमीनाथ भगवान का छत्र पदम प्रकाश चंद काला द्वारा चढ़ाया गया,एक दिन पूर्व धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज की प्रतिभाओं द्वारा प्रस्तुत किया गया,शाम को भगवान की भक्ति पूर्वक आरती की गई ।
यह मंदिर सौ वर्ष पूर्व उस समय के श्रावक श्राविकाओं द्वारा छने हुए पानी से खुद ने सेवा देकर निर्माण कराया है,और उस रियासत के समय में जब बड़े बड़े भवनों और प्रसादों के निर्माण की राजा महाराजा स्वीकृति नहीं प्रदान करते थे तब बड़वानी के शासकों ने स्वीकृति दी ,और उस समय इस विशाल मंदिर का निर्माण हुआ जिसका की शताब्दी समारोह मनाया गया।
