बड़वानी / शहर की पावन धरा पर स्थित श्री साँवरिया सेठ मंदिर में चार दिवसीय अमृत महोत्सव 2026 का शुभारंभ भक्ति, श्रद्धा और वैदिक परंपराओं के साथ हुआ। 20 से 23 फरवरी तक आयोजित इस भव्य धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ रही है और पूरा वातावरण जयकारों व वैदिक मंत्रोच्चार से गुंजायमान है।
महोत्सव के अंतर्गत प्रतिदिन प्रातः 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक महाअभिषेक, महासुदर्शन एवं लक्ष्मी-नारायण महायज्ञ संपन्न हो रहा है। यज्ञ की पावन अग्नि और वेद मंत्रों की ध्वनि से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।
20 एवं 21 फरवरी को रात्रि 8 से 10 बजे तक श्री भक्तमाल कथा का आयोजन किया गया, जिसमें संत-महात्माओं ने भक्ति मार्ग की महिमा का वर्णन किया। कथा के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर होकर प्रभु स्मरण में लीन रहे।
महोत्सव का मुख्य आकर्षण परमपूज्य जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्रीधराचार्य जी महाराज (पीठाधीश्वर, अशर्फी भवन, अयोध्या) का सान्निध्य रहा। उनके आगमन से भक्तों में विशेष उत्साह और आनंद का संचार हुआ। गुरुदेव के सान्निध्य में संपन्न श्री लक्ष्मी-नारायण महायज्ञ ने आयोजन को दिव्यता प्रदान की।
22 फरवरी, रविवार को सायं 5 बजे कल्याण उत्सव का आयोजन रखा गया है, जबकि 23 फरवरी, सोमवार को सायं 6 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के प्रसाद ग्रहण करने की संभावना है।
आयोजन के मुख्य यजमान श्री कैलाश जी पंवार, श्री संतोष जी भावसार, श्री बालकृष्ण जी सराफ एवं श्री संतोष जी पोरवाड़ सहित समस्त साँवरिया सेठ सेवा संस्थान के सदस्यों द्वारा व्यवस्थाएँ संभाली जा रही हैं।
भक्ति, उत्साह और गुरुकृपा से आलोकित यह अमृत महोत्सव नगरवासियों के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा और सामाजिक एकता का संदेश दे रहा है।
