बड़वानी / जैन धर्म के चौबीसवें और अंतिम तीर्थंकर और वर्तमान शासन नायक भगवान महावीर का जन्म महोत्सव आज चैत्र शुक्ल त्रयोदशी को बड़वानी नगर में जैन समाज द्वारा बड़ी ही भक्ति भाव और उल्लास के साथ मनाया,आज प्रातः मंदिर में जैन अनुयायियों ने मंदिर में भगवान के अभिषेक,शांतिधारा और पूजन कर भगवान को रथ और पालकी में विराजित कर बैंड बाजों की धार्मिक भजनों की धुन पर नगर के प्रमुख मार्गो जैन मंदिर चौराहा,झंडा चौक,रंजीत चौक,महात्मा गांधी मार्ग,मोटी माता चौक,रोटरी स्कूल,देवीसिंह मार्ग,कालका माता मंदिर ,भेलसिया मोहल्ला,चंचल चौराहा,देवीसिंह गार्डन,गायत्री मंदिर,बावनगजा नाका,रानीपुरा,फिट वेल चौराहा होते हुए जैन मंदिर पर समाप्त हुई,शोभा यात्रा में समाज के छोटे बच्चे धर्म ध्वजा को लहराते हुए चल रहे थे तो महिलाएं मंगल कलश लिए भक्ति भाव पूर्ण नृत्य करते हुए चल रहे थे युवा वर्ग धोती दुपट्टे में भगवान की पालकी उठाए भगवान महावीर के नारों और महावीर भगवान के जयकारों के साथ चल रहे थे, रस्ते में समाज जनों ने अपने अपने घर और प्रतिष्ठानों के सामने भगवान की आरती उतार कर श्रीफल समर्पित किया, मंदिर पहुंचने के पश्चात भगवान के अभिषेक,शांतिधारा ,और आरती संपन्न हुई ,दोपहर में समाज जनों ने प्रसादी का वितरण किया वही शाम को भगवान की आरती और माता त्रिशला और सिद्धार्थ राजा बन पालना झुलाने का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ, भगवान महावीर का जन्म बिहार प्रांत के वैशाली स्थित राजा सिद्धार्थ और माता त्रिशला के यहां जन्म हुआ था ,इस अवसर पर समाज के युवा,महिला,पुरुष,बच्चे आदि में उत्साह देखने लायक था ।
