भोपाल । मध्यप्रदेश में जारी सियासी संकट आज खत्म हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद स्पीकर ने बागी 16 विधायकों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं और आज दोपहर 2 बजे सदन की कार्रवाई शुरू होगी। इससे पहले मुख्यमंत्री कमल नाथ दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री निवास में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। ऐसे में यह भी संभावना जताई जा रही है कि यदि मुख्यमंत्री को लगता है कि फ्लोर टेस्ट में पास नहीं हो पाएंगे तो उससे पहले ही इस्तीफे की घोषणा कर सकते हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री कमल नाथ द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़े ऐलान की संभावना है।
16 बागी विधायकों के इस्तीफे मंजूर
इससे पहले गुरुवार देर रात विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने 18 बागी विधायकों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए और कहा कि मैं सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करता हूं। बागी विधायकों के इस्तीफे स्वीकार होने के बाद अभी तक कुल 22 विधायकों के इस्तीफे हो चुके हैं। इनमें से अधिकांश कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक विधायक हैं। विधानसभा स्पीकर नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने बताया कि सदन में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पूरा पालन किया जाएगा।
कार्यसूची नहीं आई तो विस पहुंचे नेता प्रतिपक्ष
नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव गुरुवार रात एक बजे तक शुक्रवार को होने वाली सदन की बैठक की कार्यसूची नहीं आने पर विधानसभा पहुंच गए। वे अध्यक्ष और प्रमुख सचिव के कक्ष में गए, लेकिन वे दोनों सूचना होने के बाद भी वहां मौजूद नहीं थे। वे दोनों की टेबल पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति और अपना पत्र रख चले आए। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर सदन की कार्यवाही का विधायक को नोटिस नहीं मिलने की बात उठाई। साथ ही कार्यवाही का सीधा प्रसारण कराने के लिए व्यवस्था की जांच करा ले।
दिग्विजय बोले, कमल नाथ सरकार के पास बहुमत नहीं
मप्र सरकार का
आज फ्लोर टेस्ट
होने से पहले
कांग्रेस नेता दिग्विजय
सिंह ने एक
इंटरव्यू में कहा
कि 22 विधायकों के
इस्तीफे होने के
बाद कमल नाथ
सरकार के पास
बहुमत नहीं है।
उन्होंने कहा कि
पैसे और सत्ता
के दमपर बहुमत
वाली सरकार को
अल्पमत में लाया
गया है।
