बड़वानी 25 जून / वैसे तो सेवा का कोई समय एवं सीमा नहीं होती यह कभी भी कहीं भी किसी भी रूप में की जा सकती है । सेवा के इन्हीं आधारभूत प्रतिमानो को जनजातीय बड़वानी जिले में स्थापित करने वाले स्वर्गीय हीरु भाई ने अपने सेवा कार्यों से इसे करके दिखाया है।

       उक्त बातें आशा ग्राम ट्रस्ट के सचिव डॉक्टर शिव नारायण यादव ने स्वर्गीय हीरालाल जी शर्मा हीरु भाई की तृतीय पुण्यतिथि के अवसर पर कहीं । डॉ यादव ने बताया हीरुभाई के सेवाकाल के दौरान 2001 में गुजरात के कच्छ में आई भूकंप त्रासदी के दौरान आशा ग्राम ट्रस्ट की चलित चिकित्सा इकाई के द्वारा न केवल कच्छ पहुंचकर अपनी चिकित्सा सेवाएं प्रदान की । वही जिले से संग्रहित कपड़े एवं मेडिसिन भी पहुंचा कर आपदा पीड़ित लोगों की सहायता की, ऐसी ही एक माननीय संवेदना 2004 में चेन्नई में आई सुनामी त्रासदी के दौरान भी देखने को मिली। जब हीरू भाई ने आपदा पीड़ितों के सहायतार्थ अपने यहां पदस्थ मनोरोग विशेषज्ञ एवं साइकोलॉजिस्ट टीम को तत्काल आपदा स्थल के लिए रवाना किया था।

       हीरू भाई के प्रारंभ किये गये इन्ही सेवा सरोकारों को संस्था के पदाधिकारी अभी भी निरंतर बनाये रखा है। वर्तमान में कोविड-19 कोरोना वायरस के संक्रमण काल में आमजन को उपचार प्रदान करने के लिए ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉक्टर प्रकाश यादव एवं आशा चिकित्सालय के निदेशक डॉक्टर जगदीश यादव ने आशाग्राम में संचालित 100 बिस्तरों के आशा चिकित्सालय को जिला प्रशासन को सौपा है। जहाॅ वर्तमान में कोरोना वायरस पीड़ित लोगो का उपचार सफलतापूर्वक हो रहा है।

       स्वर्गीय हीरुभाई की पुण्यतिथि के अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कमला शर्मा एवं पुत्र श्री अनिल शर्मा एवं श्री दीपक शर्मा के द्वारा स्वर्गीय हीरुभाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनकी स्मृति में परिसर में फलदार वृक्ष लगाए । इस अवसर पर ट्रस्ट के कार्यकर्ता एवं ग्रामवासी उपस्थित थे।

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