बड़वानी/ एक व्यापक दृष्टिकोण के तहत निशक्तजन अधिकार अधिनियम 2016 अंतर्गत, दिव्यांगता के दायरे में 21 प्रकार की श्रेणियां समाहित की गई है । आाशग्राम में ठीकरी, राजपुर, सिलावद विकासखंड की आशा सहयोगिनियों की एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला में उक्त बाते बताई गई ।
सामाजिक न्याय एवं निशक्त जन कल्याण अंतर्गत संचालित जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र आशा ग्राम ट्रस्ट में आयोजित इस कार्यशाला में केंद्र की प्रशासकीय अधिकारी श्रीमती नीता दुबे द्वारा चार्ट के माध्यम से प्रतिभागियों को दिव्यांगता के प्रकारों से रूबरू करवा कर सिकल सेल एनीमिया, हीमोफीलिया एवं थैलेसीमिया पर विस्तार से जानकारी देकर बताया कि कैसे तीनों बीमारियां अलग-अलग रूप से अनुवांशिकता से जुड़ी हुई है। इन बीमारियों की जटिलता एवं मानव जीवन पर उसके प्रभाव को दृष्टिगत रखते हुए इन्हें दिव्यांगता की श्रेणी में रखा गया है।
कार्यशाला के दौरान प्रतियोगियो को प्रोत्साहित किया गया कि वे ग्राम में रक्तदाताओं की सूची उनके रक्त ग्रुप अनुसार बनाये । जिससे आवश्यकता पड़ने पर उन्हें रक्तदान हेतु प्रेरित किया जा सके ।
इस दौरान उपस्थित सभी को दिव्यांग जनों के विकलांगता प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सहयोग करने तथा यूडी आईडी पंजीयन, लीगल गार्जियनशिप आदि की जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर भवति सेक्टर सुपरवाइजर एवं प्रशिक्षक श्रीमती किरण चैहान, प्रशिक्षक श्रीमती सूरज ठाकुर एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।
