नई दिल्ली Bharat Biotech Covaxinकोरोना वायरस महामारी के खिलाफ देश में ही तैयार किए गए ‘कोवैक्सीन’ टीके को लेकर अब निर्माता कंपनी भारत बायोटेक ने एडवाइजरी जारी की है। कंपनी ने एडवाइजरी जारी करके कोवैक्सीन टीके के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया है कि किन लोगों को यह टीका लगाना चाहिए और किन लोगों को यह टीका लगाने से बचना चाहिए। गौरतलब है कि कोवैक्सीन टीके पर उठते सवालों के बीच कंपनी ने बताया है कि वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और अभी तक इसके कोई साइड इफेक्ट देखने को नहीं मिले हैं। गौरतलब है कि भारत बायोटेक की कोविड-19 वैक्सीन को भारत सरकार ने टीकाकरण अभियान में शामिल किया है।

ये लोग कोवैक्सन टीका लगाने से बचें

भारत बायोटेक के अनुसार कोवैक्सीन गंभीर एलर्जिक रिएक्शन की वजह बन सकती है।

सांस लेने में दिक्कत, चेहरे या गर्दन पर सूजन, तेज धड़कन, शरीर पर रैश, चक्कर और कमज़ोरी जैसी समस्या हो सकती है।-

ऐसे मरीज जिन्हें एलर्जी, बुखार और ब्लीडिंग डिसऑर्डर हैं, उन्हें यह वैक्सीन नहीं लेना चाहिए।

साथ ही ऐसे लोग जो खून पतला करने वाली दवा का सेवन करते हैं, उन्हें भी कोवैक्सीन लगाने की सलाह दी।

जो लोग इम्युनिटी बढ़ाने वाली दवाओं का सेवन कर रहे हैं, वे भी कोवैक्सीन लगावाएं

गर्भवती महिलाएं और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी वैक्सीन का डोज नहीं लेना चाहिए।

ऐसे लोग पहले से कोविशील्ड वैक्सीन ले ली है या गंभीर बीमारी से परेशान हैं तो कोवैक्सीन का टीका नहीं लगाना चाहिए।

वैक्सीन लेने के बाद अब तक सिर्फ 7 लोग अस्पताल में भर्ती

गौरतलब है कि भारत में 16 जनवरी को कोरोना महामारी के खिलाफ टीकाकरण अभियान शुरू किया जा चुका है और पहले चरण में डॉक्टर, नर्सों और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों को ही कोरोना वैक्सीन दी जा रही है। फिलहाल देश में कोविशील्ड और कोवैक्सीन के टीके ही लगाए जा रहे हैं।

अवर स्वास्थ्य सचिव मनोहर अगनानी ने बताया कि 3 दिनों के टीकाकरण अभियान में देशभर में 580 लोगों में इसका प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिला है। इनमें से भी मात्र सात लोगों को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ी। हालांकि अभी तक यह पुष्टि नहीं हुई है कि कोरोना वैक्सीन लगने के कारण ही इन लोगों को कोई साइड इफेक्ट हुआ है। इस संबंध में अभी जांच की जा रही है।

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