बड़वानी / शहर में गोथरवाल शिक्षण समिति और गायत्री संगीत कला केंद्र के तत्वावधान में कर्मचारी कॉलोनी में बीती रात सरस्वती पूजन के साथ संगीत सभा का आयोजन किया गया I कार्यक्रम के आरंभ में दीप प्रज्वलन श्रीमांगीलाल शर्मा, श्रीकृष्णा ठाकरऔर सतीश गोथरवालद्वारा किया गया I कार्यक्रम के प्रथमसत्र की प्रस्तुति में सरस्वती वंदना एवम् सामूहिक शास्त्रीय गायन हिमानी रावत, दक्ष गोथरवाल,आकृति जोशी, हर्षिता कोंकने, मयूरी जोशी, गीता मेशराम, मो.लारेब बलोच, राकेश सिंह सोलंकी और मोनिका जोशी द्वारा राग यमन में छोटा ख्याल त्तथा तराना प्रस्तुत किया गया, जिसमें तबला संगत विरूपाक्ष शर्मा एवं हारमोनियम संगत विशालाक्ष शर्मा द्वारा की गईI
कार्यक्रम केदूसरे सत्र मेंतीन ताल में सामूहिक तबला वादन दक्ष गोथरवाल, भावेश पाण्डेय, विरूपाक्ष शर्मा औरसतीश गोथरवाल (गुरूजी) द्वारा किया गया, जिसमेंमोहरा, पेशकार, कायदे, टुकड़े आदि को बहुत सफाई के साथ प्रस्तुत कर रेला के साथ अपना वादन समाप्त किया I
तीसरे सत्र में सामूहिक हार्मोनियम वादन विशालाक्ष शर्मा, अभिनव गुप्ता और दक्ष गोथरवाल द्वारा राग यमन पर आधारित गत को प्रस्तुत किया गया जो कि तीन ताल मध्यलय में निबद्ध था Iइसमे अलाप, जोड़ और झाला के साथ सवाल-जवाब की संगत को सुनकर सभी श्रोता आनंदित हो उठे I
चौथा सत्र सभी संगीत रसिको और कलाकारों के लिये रखा गया I जिसमेंशहर के कलाकारों ने अपने स्वर के माध्यम से सरस्वती को स्वरांजली समर्पित की Iश्रीकृष्णा ठाकर ने एक राधा एक मीरा …, श्री मांगीलाल जी (मामाजी)नेराम तेरी माया अचरज भरी…..,श्री गुरमीत सिंह गाँधी ने तेरा चेहरा इतना सुहाना …, श्रीमतीसुनीता मोरे ने जय जय है भगवती.., सुश्रीशालिनी कोंकने ने वर दे वर दे वीणावादिनी….., श्री दिलीप जोशी ने जय जय है वीणापाणी….गाकरकार्यकर्म को नै ऊँचाई प्रदानकी, वहीवरिष्ठ संगीत मर्मज्ञ श्री अनिल जोशी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए गज़ल विधा के बारें में बताते हुए आज तुमसे दूर होकर ऐसे रोया मेरा प्यार… गज़ल को प्रस्तुत किया जिसे सुनकर श्रोता भाव विभोर हो गए I
गायत्री परिवार के 91 वर्षीय वरिष्ठ परिजन आद. कन्हेयालालगुर्जर(ठेकेदार दादा) ने गुरुदेव के विचारों को रखते हुए आपने जीवन के मार्मिक प्रसंग को साझा कर सतत सीखने हेतु तैयार रहे का सन्देश दिया I
