बड़वानी/ बड़वानी जिला मुख्यालय पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास बनाने वाले कई हितग्राही इस समय जबरजस्त परेशानी का सामना कर रहे है। कई लोग तो ‘‘न घर के रहे न घाट के’’। इसमें सेकेंड और आखरी किश्त वाले शामिल है। कई के मकान अधूरे पड़े है तो कई लोगों ने इधर-उधर से ब्याज के पैसा लेकर या हाथ उधारी करके अपने मकान बना लिये हैं। ऐसे गरीबों को आवास की किश्तें नहीं डलने की चिन्ता सता रही है। जिन्होने उधान-पाव कर रखा है उन गरीबो को पैसा लौटाने की चिन्ता ने रातों की नींद और दिन का चैन खराब कर रखा है। उन्हें डर सता रहा है कि आखरी किश्त 50 हजार प्रति व्यक्ति वाली मिलेगी भी के नहीं मिलेगीं ? बताया जाता है कि दूसरी और आखरी(तीसरी) किश्त वाले हितग्राहियों को 7 करोड़ रुपयों का भुगतान करना शेष है।इसमें आखरी किश्त वाले 741 हितग्राहियो को ही 3 करोड़ 20 लाख 50 हजार रुपये का भुगतान करना शेष है। जहाॅं एक और प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत अपने घर का सपना सजोये ये गरीब नगरपालिका के चक्कर काट रहे है वही नगरपालिका ने भी कई बार शासन को उक्त राशी का आंबटन हेतु लिखा गया है। आखिर इन गरीबों की सुध कब लेगी सरकार ?
