बड़वानी /अयोध्या प्रकरण पर निकट भविष्य में उच्चतम न्यायालय के आने वाला फैसला चाहे जो भी हो, शांति व्यवस्था बनी रहे। इसके लिए जनता से अधिक से अधिक संवाद किया जाये। उन्हे बताया जाये कि शांति व्यवस्था में सभी का विशेष योगदान है। इसलिए फैसले के पश्चात् कोई भी सभा-जुलूस-प्रदर्शन नही करेगा। जो भी सोशल मीडिया या अन्य फोरम पर भड़काउ संदेश-बातों का प्रसार करेगा उसके विरूद्ध तत्काल कठोर कार्यवाही की जायेगी।
निमाड़ रेंज के पुलिस महानिरीक्षक एमएस वर्मा ने सोमवार को पुलिस कन्ट्रोल रूम बड़वानी में आयोजित राजस्व-पुलिस अधिकारियों की बैठक में उक्त निर्देश दिये। बैठक में कलेक्टर अमित तोमर, पुलिस अधीक्षक डीआर तेनीवार सहित जिले में पदस्थ समस्त राजस्व अधिकारी, पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में दिये गये निर्देश
ऽ राजस्व एवं पुलिस पदाधिकारी संयुक्त रूप से अपने प्रभार के क्षेत्र में शांति समिति की बैठक एवं मोहल्लो-विभिन्न संगठनों, समाज के गठित फोरम पर जाकर उन्हे फैसले के पश्चात् मर्यादित व्यवहार के बारे में बतायेंगे एवं उनका सहयोग शांति व्यवस्था बनाये रखने हेतु प्राप्त करे।
ऽ मोहल्ला एवं ग्रामवार गठित रक्षा समिति में उस क्षेत्र में कार्यरत समस्त विभागों के शासकीय कर्मियों को भी आवश्यक रूप से सम्मिलित किया जाये। जिससे ओर प्रभावी तरीके से सूचना का आदान-प्रदान हो सके।
ऽ प्रत्येक पुलिस एवं राजस्व अधिकारी के पास क्षेत्र के प्रभावशाली लोगों के मोबाईल नंबर रहे, जिससे आवश्यकता पड़ने पर तत्काल एक दूसरे से संपर्क हो सके।
ऽ आवश्यक होने पर कोटवार, वन विभाग के कर्मियों, प्रायवेट सुरक्षा कर्मियों, अन्य विभागों के अधिकारियो-कर्मचारियों, समाज के अच्छे लोगों को विशेष पुलिस अधिकारी के रूप में सेवाये ली जाये।
ऽ शीघ्र ही क्षेत्र में धारा 144 के प्रावधान लागू किये जाये। जिससे शांति व्यवस्था भंग करने वालो, बिना अनुमति सभा-जुलूस-प्रदर्शन करने वालों पर कठोर कार्यवाही की जा सके।
ऽ सोशल प्लेटफार्म पर किसी भी प्रकार के भड़काउ संदेश, कूट रचित वीडियों पोस्ट करने वालों को तत्काल पकड़कर प्रावधान अनुसार कार्यवाही की जाये।
ऽ थानों पर शांति व्यवस्था बनाये रखने में योगदान देने हेतु लोगों से शपथ पत्र पर हस्ताक्षर अभियान सहित अन्य गतिविधियों का संचालन किया जाये। जिससे शांति व्यवस्था में सभी का योगदान है, यह संदेश हर घर-व्यक्ति तक पहुंच सके।
ऽ थानों, राजस्व एवं पुलिस पदाधिकारियों के वाहनों पर माईक सिस्टम हमेशा चालू स्थिति में रखा जाये। जिससे आवश्यकता पड़ने पर आमजनों को सही-सही स्थिति, जानकारी, सूचना देने में सुविधा रहे।
ऽ जिले के शासकीय कार्यालयो, भवनों, चैराहों, प्रायवेट घरो, प्रष्ठिानों पर लगे सीसीटीवी कैमरे हमेशा चालू रहे, उसकी रिकार्डिंग सुरक्षित रहे। इसके लिए संबंधित पक्षकार से चर्चाकर उन्हे सीसीटीवी की रिकार्डिंग का महत्व बताया जाये। आवश्यकता पड़ने पर इन सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग का उपयोग किया जाये।
ऽ राजस्व विभाग के प्रत्येक वाहन पर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट एवं पुलिस विभाग के वाहन पर पुलिस वाहन लिखा हो, यह सुनिश्चित किया जाये। जिससे वाहनों को गतिमान बनाये रखने में कोई परेशानी न आये।
ऽ प्रत्येक पुलिस-राजस्व अधिकारी के वाहन पर पर्याप्त संख्या में जवान एवं वीडियोंग्राफर हमेशा मौजूद रहे। साथ ही माईक-सर्च लाईट, अन्य सुरक्षा संसाधन उपलब्ध रहे।
ऽ रात्रिकालीन पेेट्रोलिंग व्यवस्था को ओर बेहतर किया जाये। नामजद पुलिस जवानों की ड्यूटी विभिन्न पाईंटों पर लगाया जाये। तैनात जवानों की सम्पूर्ण जानकारी, क्षेत्र के राजस्व अधिकारी को भी दी जाये। जिससे आवश्यकता पड़ने पर सीधा संपर्क बना रहे।
