बड़वानी / मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट की बैठक के बाद प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि आज भीलटदेव के देवस्थान पर कई कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। हमारे इस अंचल में जो खेती, बागवानी की उन्नति हुई है। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्पों का परिणाम है। कृषि कैबिनेट में कई निर्णय लिए गए। हमने किसानों के कल्याण के लिए 27 हजार 746 करोड़ रुपये का भार सरकार ने लिया है। इसमें 16 विभागों की योजनाओं के विविध कार्य व प्रस्ताव लिए हैं।
पानसेमल की सिंचाई परियोजना की लागत 1208 करोड़ रुपए है। कृषि कल्याण विभाग में 3500 करोड़ की राशि खर्च होगी। पशुपालन व डेयरी विकास की योजनाओं में 9 हजार रुपये की राशि खर्च होगी। सहकारी विभाग की योजना के साथ नर्मदा विकास प्राधिकरण की योजनाएं हैं। सोयाबीन में भी भावन्तर योजना का लाभ देंगे। पीएम किसान सिंचाई योजना के माध्यम से 2397 करोड़ की राशि मंजूर की है। किसान कल्याण वर्ष में 38 हजार करोड़ की राशि का प्रावधान किया है।
पाटी में 5940 हेक्टेयर में सिंचाई का लक्ष्य है। बड़वानी में खेतिया की कृषि उपज मंडी को आदर्श मंडी बनाएंगे। जिले के 25 किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए मास्टर ट्रेनर बनाएंगे। इन्हें प्रदेश के बाहर भेजेंगे। बड़वानी में बीज निगम के तहत बजट्टा खुर्द को आदर्श केंद्र बनाएंगे।
भिलट देव के दर्शन करने के बाद हुई बैठक
कृषि कल्याण वर्ष के अंतर्गत बड़वानी जिले में आयोजित कैबिनेट बैठक के पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने मंत्रीगणों के साथ बड़वानी जिले के ग्राम नागलवाड़ी में स्थित मंदिर में भिलट देव के दर्शन कर पूजन-अर्चन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रीगणों के साथ प्रदेशवासियों की सुख एवं समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश की सरकार प्रदेश के विकास के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है।
भिलट देव निमाड़ क्षेत्र के आराध्य देव है, अतः आज वे आराध्य के दर्शन के साथ ही कैबिनेट बैठक की शुरुआत की गई । कैबिनेट में जो भी निर्णय लिये जायेंगे वे प्रदेशवासियों एवं किसानों के हितार्थ होंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि निमाड़वासी बड़े सौभाग्यशाली हैं जो उन्हें मां नर्मदा का आंचल मिला है।
किसान समृद्ध एवं प्रगतिशील हो रहे हैं
मां नर्मदा के जल से ही सिंचाई करके निमाड़ क्षेत्र के किसान समृद्ध एवं प्रगतिशील हो रहे हैं। आज निमाड़ क्षेत्र के किसान कृषि एवं उद्यानिकी की एक से अधिक फसलें लेकर आर्थिक रूप से भी उन्नति कर रहे हैं। मां नर्मदा जी का जल सूक्ष्म उन्नयन सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से बड़वानी जिले सहित निमाड़ क्षेत्र में किसानों को सिंचाई हेतु पहुंचाया जा रहा है।
किसानों की आर्थिक उन्नति से ही प्रदेश की उन्नति होगी प्रदेश की सरकार ने वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया है, ताकि किसानों को और अधिक समृद्ध एवं संपन्न बनाया जाए। उन्होंने किसानों से यह अपील भी कि की मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के लिए किसान भाई रासायनिक खेती की बजाय प्राकृतिक खेती को अपनाये शुरुआती वर्षों में प्राकृतिक खेती में उत्पादन कम होगा लेकिन उससे जहां मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी वहीं धीरे-धीरे उत्पादन की क्षमता भी बढ़ती जाएगी।
संपूर्ण मंदिर परिसर को देखते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सतपुड़ा की सुरम्य वादियों में बसा हुआ नांगलवाड़ी भिलट देव मंदिर अत्यंत रमणीय एवं सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण स्थल है। भिलट देव जी की इस तपस्या स्थल पर बने इस विशाल मंदिर के जीर्णोद्धार में निमाड़ के संत श्री सियाराम बाबा का भी अमूल्य योगदान है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने मंत्रीगणो के साथ नागलवाड़ी मंदिर की स्मृति स्वरूप सामूहिक फोटो भी खिंचवाया।
निमाड़ी शैली में सजाया

निमाड़ के बड़वानी जिले में पहली बार नागलवाड़ी में सरकार की कृषि कैबिनेट की बैठक हुई। मुख्यमंत्री व कैबिनेट मंत्रियों के स्वागत के लिए विशेष प्रबंध किए गए। इसके लिए निमाड़ी लोकरंग के रूप में कैबिनेट स्थल को तैयार किया गया। नागलवाड़ी मंदिर शिखर के नीचे पार्क में डोम को निमाड़ में घरों की शैली के अनुरूप सजाया गया। साथ ही खेती किसानी के तौर तरीके के अनुरूप प्रदर्शनी लगाई गई है। निमाड़ के वाद्य यंत्र ढोल मांदल व लोकजीवन के रंगों में इसे सजाया।
मध्य प्रदेश के कैबिनेट व अधिकारियों सहित आने वाले आगंतुकों के लिए निमाड़ के व्यंजनों में निमाड़ के जायका यानी निमाड़ी मिर्च का खास मिश्रण मिला। निमाड़ के व्यंजनों में मुख्य रूप से अमाड़ी की भाजी के साथ मक्के की रोटी परोसी गई।
