खंडवा । गरिमा हत्याकांड मामले में स्वजनों के आरोपों के चलते शुक्रवार को मांधाता थाना प्रभारी जगदीश पाटीदार को लाइन अटैच कर दिया गया। उनकी जगह अब थाने की बागडोर पिपलौद थाना प्रभारी शिवराम जमरा संभालेंगे। पिपलौद से ओंकारेश्वर उनका स्थानांतरण किया गया। स्वजनों ने निरीक्षक पाटीदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पाटीदार ने आरोपित पक्ष को बचाने का प्रयास करते हुए मामले की जांच सही ढंग से नहीं की।

शुक्रवार को गरिमा चतुर्वेदी के माता-पिता व अन्य स्वजन बड़वानी से खंडवा पहुंचे। यहां उन्होंने एसपी कार्यालय में ज्ञापन देकर मांधाता थाना प्रभारी जगदीश पाटीदार की कार्रवाई पर सवाल उठाया। स्वजनों का कहना है कि मामले की जांच संदेहास्पद है। नहर में से गाड़ी निकालते समय पुलिस ने वीडियो रिकार्डिंग क्यों नहीं की। गाड़ी की मैकेनिकल जांच कराई जाए। मोबाइल की कॉल डिटेल और आरोपित अभिषेक के अन्य मोबाइल नंबर के संबंध में भी जानकारी ली जाए। गरिमा के मोबाइल की कॉल डिटेल और लोकेशन की जांच की जाए। इस तरह से अन्य गंभीर आरोप लगाने के साथ ही उन्होंने उच्च स्तरीय टीम बनाकर महिला अधिकारी से मामले की जांच करवाने की मांग की। स्वजनों ने आरोप लगाते हुए 14 बिंदुओं को जांच में शामिल करने के लिए पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह को ज्ञापन सौंपा।

पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने बताया कि मृतका गरिमा के स्वजनों की शिकायत की जांच करने के बाद निरीक्षक जगदीश पाटीदार पर कार्रवाई करते हुए लाइन अटैच किया गया है। इसके साथ ही पाटीदार पर लगाए गए आरोपों की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रकाश परिहार को सौंपी गई है। लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी। विदित हो कि ओंकारेश्वर निवासी 28 वर्षीय गरिमा की हत्या करने के बाद आरोपित पति अभिषेक चतुर्वेदी ने उसके शव को कार सहित ग्राम भोगांवा के पास नहर में फेंक दिया था। इस मामले में मांधाता थाने में अभिषेक पर हत्या का प्रकरण दर्ज है। आरोपित अभिषेक फिलहाल जेल में है।

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