बड़वानी / मुख्यमंत्री के सुशासन अभियान में और प्रभावी कार्यवाही करने के लिये राजस्व – पुलिस – आबकारी विभाग के पदाधिकारी मिलकर कार्य करेंगे। जिससे जिले में कही पर भी अवैध शराब को बनाने – विक्रय करने का कार्य न होने पाये। इस कार्य में विभिन्न विभागो के मैदानी अमले का भी सहयोग लिया जाये। इनकी भी सूचना पर तत्काल प्लान बनाकर दोषियों की धर-पकड़ की जाये। इस कार्यवाही में किसी का दखल या लापरवाही बरदास्त नही की जायेगी । पकड़े गये लोगो पर एफआईआर भी करवाई जाये।

                कलेक्टर श्री शिवराजसिंह वर्मा एवं पुलिस अधीक्षक श्री निमिष अग्रवाल ने बुधवार को प्रातः कलेक्टरेट सभागृह में आयोजित बैठक में उपस्थित एवं विडियो कान्फ्रेसिंग से जुढ़े जिले के समस्त राजस्व – पुलिस – आबकारी पदाधिकारियों को उक्त निर्देश दिये। इस दौरान अधिकारी द्वय ने सभी अधिकारियों को एक वाक्य में स्पष्ट निर्देश दिये कि जो भी अनैतिक – अवैधानिक कार्य में संलग्न है, उसके मंसूबे को ध्वस्त कर दिया जाये । उसकी सम्पूर्ण सम्पति की जानकारी निकालकर ठोस कार्यवाही की जाये ।

                बैठक के दौरान कुछ अधिकारियों द्वारा अवैधानिक गतिविधियों में कुछ पूर्व और वर्तमान सरपंचो के संलग्न होने की जानकारी देने पर कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिये कि किसी को छोड़ा नही जाये । पूर्व सरपंचों के संलग्न होने पर उनके विरूद्ध भी ठोस प्रकरण बनाकर कार्यवाही की जाये। जबकि वर्तमान सरपंचो के विरूद्ध भी ठोस कार्यवाही करते हुये उन्हें पद से पृथ्क करने का प्रस्ताव भी भेजा जाये । जिससे इन्हें सरपंच के पद से पृथ्क किया जा सके ।

                बैठक के दौरान कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने सभी एसडीएम एवं एसडीओपी को अपने – अपने प्रभार के क्षेत्र में गुंडा – माफियाओं के विरूद्ध की जाने वाली कार्यवाही को स्वयं नेतृत्व प्रदान करने के निर्देश दिये । साथ ही जिला स्तर से भेजी गई माफियाओं की सूची को अपने स्तर से भी और विस्तार करने  के निर्देश दिये, जिससे जिले में पूरी तरह से सुशासन स्थापित हो सके ।

                बैठक के दौरान कलेक्टर ने सभी एसडीएम एवं पुलिस पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे उचित मूल्य दुकानों से मिलने वाले खाद्यान्न की अफरा – तफरी करने वालों पर भी ठोस कार्यवाही करवायेंगे। इस कार्य में यदि कही पर सेल्समेन या उससे उपर के पदाधिकारियों की भी संलंग्नता सिद्ध होती है तो उनके विरूद्ध भी कार्यवाही करते हुये एफआईआर दर्ज करवाई जाये ।

                बैठक के दौरान कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने सभी पदाधिकारियों को स्पष्ट किया कि जिले में कही पर भी कार्यवाही के पूर्व फीडबेक से साथ पूरी गोपनीयता बरते हुये संयुक्त रूप से कार्यवाही की जाये । जिससे दोषियों पर कठौर कार्यवाही हो सके ।

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