बड़वानी/ प्रदेश में जहाॅं एक और कांग्रेस में अधिकृत प्रत्याशियों को लेकर मंथन जारी है वही भाजपा ने 39 प्रत्याशियों की जब से सूची जारी की है पार्टी को कार्यकर्ताओं के रोष का सामना करना पड़ रहा है कही नेता और कार्यकर्ता कांग्रेस में शामिल हो रहे है तो कही उम्मीदवार बदले जाने को लेकर बुलन्द आवाज उठ रही है। ऐसे में मतदाताओं में चर्चा का विषय है कि प्रदेश में इस बार किसकी सरकार…? गोरतलब है कि वर्ष 2018 के चुनाव में प्रदेश की 230 विधान सभा सीटों में से कांग्रेस ने बहुमत से 2 सीट कम 114 सीटों पर जीत हासिल की थी भाजपा को 109 बसपा को 2 व अन्य को 5 सीट मिली थी। कांग्रेस ने बसपा,सपा व अन्य को साथ लेकर सरकार बनाई थी और 15 साल बाद सत्ता पाई थी। कमलनाथ जी ने सीएम की शपथ ली थी, दिसम्बर 2018 से मार्च 2020 तक कांग्रेस की सरकार रही बाद कुछ कांग्रेसियों ने भाजपा मेें शामिल होकर फिर से भाजपा सरकार बना दी थी। इस बार कांग्रेस महंगाई,भृष्टाचार व विकास के मुद्दो को लेकर मैदान में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है तो वही भाजपा, सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को लेकर मतदाताओ के बीच पेठ बना रही है। खैर यह तो आने वाले दिनों में पता चलेगा कि इस बार प्रदेश में किसकी सरकार होगी..? वही बड़वानी विधान सभा को लेकर फिलहाल माहोल ठंडा पड़ा हुआ है सबको इन्तजार है तो अधिकृत उम्मीदवार की घोषणाओं का। भाजपा से तो लगभग यह मानकर चल सकते है कि श्री प्रेमसिंह पटेल का दूसरा मजबूत विकल्प पार्टी के पास नही है। कांग्रेस में दावेदारों की लाईन लगी है और सबकी अपनी-अपनी दिग्गज नेताओं तक पकड़ है। जिन दावेदारों के नाम इस समय चर्चाओं में है उनमें पूर्व विधायक श्री रमेश पटेल, श्री नायसा पटेल, पूर्व सांसद श्री मकनसिंह सोंलकी, पूर्व नगरपालिाक अध्यक्ष श्री लक्ष्मण चौहान, पूर्व नपाध्यक्ष श्री राजन मंडलोई शामिल है वही विश्वसनीय सूत्रों से यह भी पता है कि इन सबसे हटकर एक नाम दिग्गी राजा की लिस्ट में भी है। अब देखना है कि इसमें से किसका पड़ला भारी पड़ता है ? और कौन टिकट लाने में सफल होता है।

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