बड़वानी / प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शहीद भीमा नायक शा.स्नात. महाविद्यालय में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण को केंद्र में रखते हुए नशा मुक्ति विषय पर एक प्रभावी कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों एवं उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश शासन के परिपालन में संपन्न हुआ। जिला अस्पताल से पधारे मुख्य वक्ता डॉ. लखन गांगले ने कहा, “देश के युवाओं को नशे से दूर रखना एक बोहोत बड़ी चुनौती हैं” उन्होंने विद्यार्थियों नशे के दुष्प्रभावों पर संवेदनशील बनने का संदेश दिया। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ वीणा सत्य के मार्गदर्शन एवं नेशनल टास्क फोर्स की नोडल डॉ पुष्पा चौहान के निर्देश में संयोजक डॉ कंचन कन्नौजे के समन्वय में आयोजित की । कार्यशाला के दौरान डॉ गांगले ने बताया कि वे विगत 10 वर्षों से नशा मुक्ति पर कार्य कर रहे हैं वे ग्रामीण क्षेत्रो में जा कर सीधा संवाद स्थापित कर नशे के दुष्प्रभाव एवं उसके रोकथाम के उपायों पर चर्चा कर उन्हें जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं साथ ही साथ उक्त विषय पर उनकी एक किताब “मद्यपान एवं नशा रोकथाम में NGO की भूमिका” पुस्तक भी प्रकाशित हो चुकी हैं
डॉ गांगले ने बताया कि पाश्चात्य संस्कृति को अपनाते हुए देश का युवा नशे को फैशन समझने लगा है और उसकी गिरफ्त में फस कर अपने भविष्य को दांव पर लगा रहा हैं उन्होंने बताया कि हमारा टारगेट 80 साल के बुजुर्ग नही बल्कि स्कूल और कॉलेज में पड़ रहा वो युवा होना चाहिए जो अभी नशे से अछूता हैं, इस दौरान कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही डॉ कंचन कन्नौजे ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि नशा नाश का द्वार हैं युवा पीढ़ी इससे दूरी बना कर अपने बड़े से बड़े लक्ष्य को प्राप्त कर सकती हैं कार्यक्रम दौरान प्रो.रचना सोलंकी, प्रो.अनिता खांडे, डॉ विशाल सेन क्रीड़ा अधिकारी हरीश वर्मा एवं बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं उपस्थित रही कार्यक्रम का संचालन प्रो. अविनाश वानखेड़े ने अतिथि परिचय प्रो.ऋतु कुमरावत ने एवं आभार डॉ. चंदा यादव ने किया अंत मे डॉ. इंदिरा ने विद्यार्थियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलवाई गई
