बड़वानी / स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाने के उद्देश्य से बुधवार कलेक्ट्रेट सभागृह में कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई और बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए। इस दौरान उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का मुख्य उद्देश्य केवल चिकित्सा उपचार प्रदान करना ही नहीं, बल्कि आम जनता में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता लाना एवं समाज में स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक बदलाव लाना है।
बैठक में निम्नलिखित प्राथमिकताओं पर काम करने के निर्देश दिए
1.एंबुलेंस लॉजिस्टिक प्रबंधन – दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में एंबुलेंस की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। एम्बुलेंस पहुँचने में आ रही किसी भी समस्या को तुरंत ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर को सूचित कर ब्लॉक स्तर पर ही निपटाया जाए। वहाँ समाधान न होने पर तुरंत जिला प्रशासन को सूचित करें, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को समय पर इलाज मिल सके। इसके साथ ही जिले में सुरक्षित और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं के माध्यम से गर्भवती महिलाओं व उनके परिवारों की सघन काउंसलिंग की जाएगी। इस संवेदनशील कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- हाई रिस्क प्रेगनेंसी ट्रैकिंग एवं प्रबंधन – उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनकी लगातार ट्रैकिंग और उचित स्वास्थ्य प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रसव के दौरान किसी भी खतरे को टाला जा सके।
3.गंभीर स्वास्थ्य प्रबंधन – पीआईएच, एनीमिया, सिकल सेल एनीमिया स्क्रीनिंग और 18.5 से कम बीएमआई वाली कुपोषित महिलाओं के स्वास्थ्य प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए।
4.इन्फेक्शन कंट्रोल – जिले के सभी डिलीवरी पॉइंट्स पर स्वच्छता और संक्रमण नियंत्रण के कड़े इंतजाम किए जाएं, ताकि नवजात और माता को किसी भी तरह के संक्रमण से सुरक्षित रखा जा सके। इस सम्बन्ध में ब्लॉक स्तर पर भी बैठक आयोजित कर समीक्षा की जाएगी।
5.शिशु मृत्यु दर में कमी हेतु विशेष वर्कशॉप – शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों और डॉक्टरों के लिए विशेष कार्यशाला का आयोजन किया जाए, जिससे उनके कौशल और प्रबंधन क्षमताओं में सुधार हो।
बैठक के दौरान आयुष्मान भारत योजना एवं जननी सुरक्षा योजना की प्रगति की भी समीक्षा कर शेष लम्बित प्रकरणों को निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र हितग्राहियों को इन योजनाओं का लाभ समय पर मिलना सुनिश्चित हो और कोई भी जरूरतमंद इससे वंचित न रहे। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जयपाल सिंह ठाकुर, सिविल सर्जन डॉ.मनोज खन्ना,सभी ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर और स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
