बड़वानी / जैन धर्म के बाईसवें तीर्थंकर बाल ब्रह्मचारी भगवान नेमिनाथ जी के आज दो कल्याणक जन्म और तप कल्याणक नगर के जैन मंदिर में बहुत ही भक्ति,भाव और धूम धाम के साथ आचार्य आदि सागर जी अंकलीकर के चतुर्थ पट्टाचार्य श्री सुनील सागर जी महाराज की शिष्या आर्यिका सुप्रज्ञ मति जी, अनघ मति जी,क्षुल्लिका संभाव मति जी के ससंघ में मनाया गया, प्रातः मंगलाष्टक,अभिषेक पाठ और भगवान के अभिषेक और पूज्य माताजी के मुखार विंद से शांति धारा सम्पन्न हुई, एवं निर्वाण काण्ड का वाचन हुआ ,भगवान के प्रथम अभिषेक का सौभाग्य जितेंद्र कुमार देवेंद्र कुमार गोधा परिवार को प्राप्त हुआ तो शांति धारा का सौभाग्य भी शुभम गौतम गोधा परिवार बड़वानी और भगवान का जन्म कल्याणक लाडू भी नीना,सारिका, शानू गोधा परिवार को ही प्राप्त हुआ ,भगवान नेमिनाथ जैन धर्म के बाईसवें तीर्थंकर है और उनका जन्म कल्याणक शौरीपुर बटेश्वर में हुआ था साथ ही गिरनार पर्वत पर तप कल्याणक हुआ था ,आज ही विगत चौबीस दिनों से चल रहे सम्मेद शिखर जी विधान का भी समापन हुआ जिसको की समाज के युवा,महिला,पुरुष और बच्चों ने बड़े भक्ति और धूम धाम के साथ संपन्न किया ,माताजी ने धर्म सभा को भी संबोधित कर कल होने वाले भगवान पार्श्वनाथ के मोक्ष कल्याणक पर भी सभी को भक्ति भाव से सम्पन्न कर पार्श्वगिरी तक निकलने वाली पद यात्रा और पार्श्वनाथ निर्वाण कल्याणक और निर्वाण लाडू में शामिल होने का भी आव्हान किया ।
