बड़वानी /  पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और कुशल रणनीति के दम पर देश के अलग-अलग राज्यों में छिपे बैठे साइबर ठगों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। पुलिस अधीक्षक बड़वानी श्री पद्यविलोचन शुक्ल के कुशल नेतृत्व व निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री धीरज बब्बर एवं एसडीओपी सेंधवा श्री अजय वाघमारे के मार्गदर्शन में गठित संयुक्त टीम ने यह बड़ी कामयाबी हासिल की है।

सेंधवा शहर थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश सिंह कुशवाह और साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक रितेश खत्री की टीम ने पिछले एक साल में सीमाओं को लांघकर न केवल शातिर अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा, बल्कि पीड़ितों की गाढ़ी कमाई के लाखों रुपये भी बरामद किए हैं।

साहस और तकनीक का संगम: इन राज्यों में दी दबिश

सेंधवा पुलिस की विशेष साइबर सेल टीम ने आधुनिक तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर अंतरराज्यीय गिरोहों की पहचान की। पुलिस ने भौगोलिक चुनौतियों का सामना करते हुए *राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र (मुंबई)* और *मध्य प्रदेश (अशोकनगर)* में ताबड़तोड़ छापेमारी कर आरोपियों को दबोचा।

पुलिस की प्रमुख कार्यवाहियां और सफलताएं:

| अपराध का तरीका (Modus Operandi) | अपराध क्र. | कार्रवाई व बरामदगी |

| *एस्ट्रोलॉजी के नाम पर ठगी* | 326/25 | इंस्टाग्राम पर लिंक भेजकर की गई ₹81,360 की ठगी में से *₹50,760 होल्ड कराकर* फरियादिया को वापस दिलाए। |

| *टेलीग्राम निवेश धोखाधड़ी* | 272/25 | ₹22.61 लाख की बड़ी ठगी में जोधपुर, अशोकनगर व यूपी से *04 आरोपी गिरफ्तार*, ₹60,000 नकद जब्त। |

| *अडानी CNG पम्प के नाम पर ठगी* | 37/26 | ₹15.13 लाख की धोखाधड़ी के मामले में *मुंबई से 02 शातिर आरोपी दबोचे*, ₹3.92 लाख बरामद। |

| *लिंक क्लिक से UPI ठगी* | 138/26 | ₹1.85 लाख की ठगी में सांचौर (राजस्थान) से *आरोपी गिरफ्तार*, ₹90,000 जब्त।

> नोट: पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामलों में शेष फरार आरोपियों की धरपकड़ और बाकी की राशि बरामद करने के लिए पुलिस की टीमें लगातार देश के विभिन्न राज्यों में सक्रिय हैं।

 

 ‘Safe Click 2.0’: साइबर सुरक्षा के प्रति सजगता ही बचाव

इस बड़ी सफलता के साथ ही सेंधवा पुलिस ने नागरिकों की डिजिटल सुरक्षा के लिए ‘Safe Click 2.0’* अभियान की शुरुआत की है। एसडीओपी सेंधवा श्री अजय वाघमारे ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि तकनीकी रूप से जागरूक रहकर ही इन ठगों से बचा जा सकता है।

पुलिस द्वारा जारी की गई ‘साइबर सुरक्षा गाइडलाइन’:

*अज्ञात लिंक/APK File से दूरी:* किसी भी संदिग्ध मैसेज, लुभावने ऑफर वाले लिंक या अज्ञात .apk फाइल को डाउनलोड या क्लिक न करें।

*गोपनीयता सर्वोपरि:* अपना बैंक ओटीपी (OTP), पिन (PIN) या पासवर्ड कभी भी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।

*डिजिटल अरेस्ट के डर को कहें ‘ना’:* साइबर अपराधी खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताकर वीडियो कॉल करते हैं और ‘डिजिटल अरेस्ट’ की धमकी देते हैं। याद रखें, *पुलिस कभी भी वीडियो कॉल पर पूछताछ या पैसों की मांग नहीं करती।* ऐसा कॉल आने पर तुरंत डिस्कनेक्ट करें।

*फर्जी निवेश ऐप्स से सावधान:* टेलीग्राम या सोशल मीडिया पर ‘रातों-रात भारी रिटर्न’ का लालच देने वाले ऐप्स/वेबसाइट्स पूरी तरह से फर्जी हैं। बिना पूरी जांच के कहीं भी निवेश न करें।

ठगी होने पर क्या करें?

सेंधवा पुलिस ने संदेश दिया है कि यदि आप किसी भी प्रकार की साइबर ठगी के शिकार होते हैं, तो घबराएं नहीं। *तत्काल (गोल्डन ऑवर के भीतर) नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर ‘1930’ पर कॉल करें* या www.cybercrime.gov.in पर लॉग इन कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा नजदीकी थाने में तुरंत संपर्क करें।

> “साइबर अपराधियों के लिए अब देश का कोई भी कोना सुरक्षित नहीं रहने दिया जाएगा। सेंधवा पुलिस की यह मुहिम आगे भी निरंतर जारी रहेगी।”सेंधवा शहर पुलिस

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