कोरोना का संक्रमण मरीजों के सुनने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। हाल ही में हुए एक अध्ययन के दौरान विशेषज्ञों को कोरोना संक्रमित कुछ लोगों में सुनने से जुड़ी समस्याएं देखने को मिली हैं। यह शोध इंटरनेशनल जर्नल ऑफ ऑडियोलॉजी में प्रकाशित हुआ है। यूनिवर्सिंटी ऑफ मैनचेस्टर और एनआइएचआर मैनचेस्टर बायोमेडिकल रिसर्च सेंटर (बीआरसी) के वैज्ञानिकों ने यह अध्ययन किया है। प्रोफेसर केविन मुनरो ने अध्ययन के दौरान ऐसे 56 लोगों की पहचान की जिन्हें कोरोनासंक्रमण के चलते सुनने की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। अध्ययनकर्ताओं को सुनने की समस्याओं वाले करीब 7.6 फीसद, कानों के बजने और अनावश्यक आवाजें सुनाई देने वाले 14.8 फीसद जबकि सिर में चक्कर आने वाले करीब 7.2 फीसद मामले देखने को मिले हैं। यूनिवर्सिंटी ऑफ मैनचेस्टर में प्रोफेसर और अध्ययनकर्ता केविन मुनरो ने रिपोर्ट में बताया है कि इस बारे में विशेषज्ञों को विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इस तरह के सामने आ रहे मामलों की जांच करके कोरोना के कारण सुनने संबंधी दीर्घकालिक समस्याओं के बारे में जानने पर जोर देना होगा। प्रो. मुनरो कहते हैं कि इससे पहले खसरा और मेन्निजाइटिस जैसे वायरसों के प्रभाव के कारण सुनने की समस्याएं देखी जा चुकी हैं। अब यह समझने की जरूरत है कि कोरोना सुनने की क्षमता को कैसे प्रभावित कर सकता है। प्रोफेसर मुनरो ने कहा कि हाल ही में किया गया अध्ययन कोरोना के चलते सुनने की क्षमता प्रभावित होने की बात का समर्थन तो करता है, लेकिन इस पर अधिक काम किए जाने की आवश्यकता है। प्रोफेसर मुनरो के नेतृत्व में किए गए एक हालिया अध्ययन में कहा गया है कि जिन कोरोना रोगियों को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया है, उनमें से 13 फीसद लोगों ने सुनने में आ रही दिक्कतों की शिकायत की है।
