Madhya Pradesh: M Gopal Reddy को मध्यप्रदेश का चीफ सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है। अब तक वे जल संसाधन के अपर मुख्य सचिव के रूप में सेवा दे रहे थे। जानकारी के मुताबिक, बीती रात ही मुख्य सचिव के लिए उनके नाम को उच्च स्तर पर हरी झंडी मिल गई थी। M Gopal Reddy मौजूदा चीफ सेक्रेटरी एसआर मोहंती का स्थान लेंगे, जो 31 मार्च को रिटायर हो रहे हैं। मोहंती ने 31 दिसंबर 2018 को यह पद संभाला था। अब उन्हें विद्युत नियामक आयोग के चेयरमैन बनाया जा सकता है। यह पद जनवरी से खाली है। पढ़िए पूरी खबर –

M Gopal Reddy का कार्यकाल 6 महीना का रहेगा। ऐसे में माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ केंद्र से एक्सटेंशन का अनुरोध कर सकते हैं। इससे पहले भाजपा सरकार में आर. परशुराम और बीपी सिंह को एक्सटेंशन दिया जा चुका है। 1985 बैच के अफसर एम. गोपाल रेड्डी मुख्यमंत्री कमलनाथ के भरोसेमंद अफसरों में शुमार हैं और अभी हर महत्वपूर्ण बैठकों में भी वे हिस्सा लेते हैं।

केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से गड़बड़ाई प्रशासनिक व्यवस्था

इसके अलावा यदि प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था की बात करें तो तीन प्रमुख सचिव के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने से व्यवस्थाएं गड़बड़ा गई हैं। फिलहाल अतिरिक्त प्रभार देकर सामान्य कामकाज चलाया जा रहा है। वहीं, छह अधिकारी प्रमुख सचिव बन चुके हैं, लेकिन इन्हें नई पदस्थापनाएं नहीं दी गई हैं।

इसी तरह इंदौर कलेक्टर लोकेश जाटव और नीमच कलेक्टर अजय सिंह गंगवार सचिव पद पर पदोन्न्त हो चुके हैं। 1987 बैच की अपर मुख्य सचिव गौरी सिंह ने भी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली है।

मंडला कलेक्टर जगदीश चंद्र जटिया के नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर सोशल मीडिया में टिप्पणी करने का मामला केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय तक पहुंच गया है। हरदा कलेक्टर एस. विश्वनाथन की शिकायत कांग्रेस पदाधिकारी मुख्यमंत्री से कर चुके हैं तो छतरपुर कलेक्टर मोहित बुंदस को हटाने के लिए सपा और कांग्रेस विधायक एकजुट होकर मुख्यमंत्री कमलनाथ तक से बात कर चुके हैं।

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