सिद्धक्षेत्र बावनगजाजी में परम पुज्य गुनिश्री अध्ययन सागर जी महाराज न परम पूज्य आर्यिका विदक्षाश्री माताजी का चातुर्मास
वामनगजा/बड़वानी(रेवा की पुकार) आज पूज्य विदक्षाश्री गाताजी ने छहढाला ग्रंथ के स्वाध्याय में धर्मरागा को संबोधित करते हुये बताया की गनुष्य को उसके कर्मों की राजा आवश्य ही मिलती है।…
