बड़वानी / शहर की पूजा स्टेट कॉलोनी में कैमरा टूटने की बात को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। मामले में चार आदिवासी युवकों के साथ मारपीट करने, जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में बड़वानी पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं एवं एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम बड़गांव के स्कूल फलिया निवासी अजय डावर (27) ने थाना बड़वानी में रिपोर्ट दर्ज कराई है। अजय डावर सैफी हार्डवेयर पर मजदूरी करता है। उसने बताया कि 15 जून को दोपहर करीब 3 बजे वह अपने साथियों गणेश पिता दिलीप पांचाल, सुनील पिता रमेश मंडलोई और राकेश पिता राजाराम पांचाल के साथ आयशर वाहन से पूजा स्टेट कॉलोनी में ठेकेदार सलीम के घर सीमेंट खाली करने जा रहा था।

रिपोर्ट के अनुसार कॉलोनी की गली से वाहन गुजरते समय एक मकान के बाहर लगा सीसीटीवी कैमरा क्षतिग्रस्त हो गया। इसी बात को लेकर इमरान कुरैशी, नवाब और कल्लू मौके पर पहुंचे और कैमरा तुरंत ठीक कराने की बात कहने लगे। फरियादी के अनुसार उसने कैमरा बाद में ठीक कराने की बात कही, जिस पर आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी।

जातिसूचक शब्द कहकर मारपीट का आरोप

एफआईआर में दर्ज शिकायत के अनुसार आरोपियों ने फरियादी और उसके साथियों को जातिसूचक शब्द “भीलड़े” कहकर अपमानित किया तथा हाथ-मुक्कों से मारपीट की। आरोप है कि नवाब ने पास में पड़ा लकड़ी का पटिया उठाकर गणेश के सिर पर वार कर दिया, जिससे उसे चोट आई। वहीं अजय डावर, सुनील मंडलोई और राकेश पांचाल के साथ भी मारपीट की गई, जिससे उन्हें चोटें आईं।

घटना के दौरान अंतिम पिता भवानीप्रसाद शुक्ला ने बीच-बचाव कर झगड़ा शांत कराया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी जाते-जाते सभी को जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गए।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

थाना बड़वानी पुलिस ने आरोपियों इमरान कुरैशी, नवाब और कल्लू सभी निवासी पूजा स्टेट कॉलोनी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296(बी) (अश्लील गाली-गलौज), 115(2) (मारपीट), 351(3) (आपराधिक धमकी), 3(5) तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 की धारा 3(1)(द), 3(1)(ध) एवं 3(2)(va) के तहत अपराध क्रमांक 358/2026 दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

पीड़ित का बयान

फरियादी अजय डावर ने पुलिस को बताया कि वह अपने साथियों के साथ मजदूरी का काम करने गया था। कैमरा टूटने की बात पर आरोपियों ने पहले गाली-गलौज की और फिर जातिसूचक शब्द बोलते हुए मारपीट शुरू कर दी। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना के बाद वह साथियों के साथ थाना पहुंचा और रिपोर्ट दर्ज कराई।

पुलिस का बयान

थाना बड़वानी पुलिस के अनुसार फरियादी की शिकायत और प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन के निर्देशन में की जा रही है। पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच जारी है तथा जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

 

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